Himachal Pradesh News: अंतरराष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल के दूसरे दिन मंगलवार को माल रोड पर लोक संस्कृति का अद्भुत नजारा दिखा। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में पारंपरिक पहनावे में सजी 250 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक साथ महानाटी पेश की। महिलाओं ने इस ग्रुप डांस के जरिए समाज को नशे के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया।
एंटी ड्रग्स थीम पर आधारित रही विशेष महानाटी
इस बार इस विशेष महानाटी को ‘मदर्स अगेंस्ट अब्यूज एंड एडिक्शन’ (MAA) थीम पर आयोजित किया गया। अलग-अलग ब्लॉक्स से आई हेल्पर्स और वर्कर्स ने पारंपरिक संगीत की धुन पर कदमताल मिलाई। इस परफॉर्मेंस को देखने के लिए मॉल रोड पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य ड्रग एडिक्शन के बढ़ते खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करना था। महिलाओं ने डांस के माध्यम से बताया कि नशा सिर्फ एक इंसान को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद करता है। इसके अलावा बच्चों के राइट्स और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया।
सांस्कृतिक शाम के अलावा अन्य जगहों पर भी आयोजन
शिमला का यह पांच दिवसीय इंटरनेशनल फेस्टिवल 8 जून को शुरू हुआ था, जो 12 जून तक चलेगा। पहले यह कार्निवल केवल रिज मैदान के स्टेज तक सीमित रहता था। इस साल प्रशासन ने इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे स्कूलों, खेल मैदानों और विभिन्न साहित्यिक मंचों तक पहुंचाया है।
इस शानदार प्रस्तुति ने सांस्कृतिक विरासत और सोशल अवेयरनेस का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। पर्यटकों ने देवभूमि की इस सुंदर लोक कला और सामाजिक सरोकार की जमकर तारीफ की। प्रशासन का मानना है कि ऐसे क्रिएटिव कैंपेन से युवाओं को नशे से दूर रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
Reported By: Sunita Gupta


