Delhi News: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों को एक बड़ा झटका दिया है। सरकार ने इस कल्याणकारी योजना के तहत मिलने वाले रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में भारी कटौती कर दी है। अब लाभार्थियों को एक साल में केवल 4 गैस सिलेंडर ही सब्सिडी पर दिए जाएंगे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा ने इस बड़े फैसले की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम लोगों की औसत सालाना गैस खपत के आंकड़ों को देखकर यह कदम उठाया है। अधिकांश ग्रामीण परिवार साल भर में औसतन इतने ही सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।
पहले मिलते थे बारह सिलेंडर अब कोटे में कटौती
यह लोकप्रिय योजना मई 2016 में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं के लिए शुरू हुई थी। शुरुआत में पात्र परिवारों को हर साल 14.2 किलोग्राम वाले 12 रियायती सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में इसमें कटौती करके संख्या को 9 कर दिया गया था, जो अब घटकर 4 रह गई है।
सरकार ने अक्टूबर 2023 में प्रति सिलेंडर मिलने वाली राहत राशि को 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया था। यह वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी सिस्टम के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।
पांचवां सिलेंडर बुक करने पर चुकानी होगी पूरी कीमत
नई गाइडलाइंस के मुताबिक पहले 4 सिलेंडरों पर 300 रुपये की छूट मिलती रहेगी। इस राहत के बाद उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 642 रुपये का भुगतान करना होगा। हालांकि, यदि कोई परिवार साल में 5वां सिलेंडर बुक करता है, तो उसे बिना किसी छूट के बाजार मूल्य पर ही गैस खरीदनी होगी।
इस फैसले के साथ ही देश में रसोई गैस की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस ताजा बदलाव के बाद देश की राजधानी दिल्ली में गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है।
आम जनता पिछले 3 महीनों में दो बार हुई मूल्य वृद्धि से पहले ही काफी परेशान है। इस दौरान रसोई गैस कुल 89 रुपये तक महंगी हो चुकी है। दूसरी तरफ व्यावसायिक इस्तेमाल वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें भी आसमान छू रही हैं और बाजार में इसके दाम 3 हजार रुपये के पार पहुंच गए हैं।
Author: Gaurav Malhotra


