विदेशों में भी बजा भारत का डंका! अब इन 9 देशों में बिना कैश यूपीआई से कर सकेंगे भुगतान

Business News: भारत में डिजिटल क्रांति की पहचान बन चुका यूपीआई (UPI) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत धाक जमा रहा है। दुनिया के कई बड़े देशों में भारत का यह डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेजी से पैर पसार चुका है। इसका सीधा फायदा भारतीय पर्यटकों को मिल रहा है।

अब भारतीयों को विदेश यात्रा के दौरान भारी-भरकम कैश रखने या बार-बार करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल रही है। वर्तमान में दुनिया के 9 प्रमुख देशों में भारतीय यात्री सीधे अपने मोबाइल से यूपीआई के जरिए सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।

भूटान बना पहला विदेशी साझेदार

पड़ोसी देश भूटान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई को अपनाने वाला दुनिया का सबसे पहला देश बना था। भूटान में वर्तमान समय में 20,000 से अधिक मर्चेंट लोकेशंस पर भारतीय यात्री बेहद आसानी से क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे अपने बैंक खाते से भुगतान कर सकते हैं।

भूटान में होटल बुकिंग, सामान्य खरीदारी से लेकर ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। भूटान में मिली इस शानदार सफलता ने ही भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को वैश्विक मंच पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाई है।

यूरोप के फ्रांस में भी शुरू हुई सेवा

साल 2024 की शुरुआत में फ्रांस यूपीआई तकनीक को अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बन गया था। एनपीसीआई इंटरनेशनल और लाइरा के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद यह सेवा शुरू हुई। अब एफिल टावर घूमने जाने वाले भारतीय पर्यटक इसकी वेबसाइट से सीधे टिकट बुक कर सकते हैं।

फ्रांस में हालांकि पारंपरिक रूप से नकद लेनदेन का चलन बहुत ज्यादा मजबूत है। इसके बावजूद यूपीआई की इस नई एंट्री ने वहां पहुंचने वाले लाखों भारतीय पर्यटकों के लिए भुगतान की प्रक्रिया को पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक, तेज और बेहद सरल बना दिया है।

नेपाल, श्रीलंका और मॉरीशस में आसान भुगतान

खूबसूरत द्वीप मॉरीशस में भी यूपीआई और रुपे कार्ड सेवाओं को पूरी तरह चालू किया जा चुका है। इसके साथ ही पड़ोसी देश नेपाल में फोनपे नेटवर्क के सहयोग से गूगल पे और पेटीएम जैसे भारतीय ऐप्स के जरिए किसी भी दुकान पर सीधे भुगतान करना संभव हो गया है।

श्रीलंका में वहां के स्थानीय लंकाक्यूआर नेटवर्क के साथ विशेष साझेदारी की गई है। इस तकनीक के आने से भारतीय पर्यटकों को श्रीलंका के बाजारों में नकद पैसे लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ती है। वे सीधे अपने बैंक अकाउंट से सुरक्षित ट्रांसफर कर सकते हैं।

सिंगापुर में रियल टाइम ट्रांजैक्शन की सुविधा

सिंगापुर में यूपीआई को वहां के प्रसिद्ध पेनाउ (PayNow) नेटवर्क के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। इस बड़े कदम के बाद भारतीय यूज़र्स सीधे अपने मोबाइल ऐप से रियल टाइम में पैसों का लेनदेन कर सकते हैं, जिससे कई तरह के अतिरिक्त शुल्कों से राहत मिलती है।

यह समझौता भारत के सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान समझौतों में से एक माना जाता है। इसके जरिए सिंगापुर के रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में भारतीय मुद्रा के मूल्य के बराबर तुरंत और पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जा सकता है।

यूएई और कतर में बढ़ा यूपीआई का दायरा

खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के भीतर नेटवर्क इंटरनेशनल के 2 लाख से ज्यादा टर्मिनल्स पर भारतीय पर्यटक आसानी से यूपीआई का उपयोग कर रहे हैं। वहीं कतर ने भी कतर नेशनल बैंक के सहयोग से इस बेहतरीन भारतीय तकनीक को अपनाया है।

कतर में शुरू हुई इस खास सर्विस का सबसे बड़ा फायदा वहां काम करने वाले और घूमने जाने वाले भारतीयों को मिल रहा है। विदेशी धरती पर भी अपने देश की तकनीक का इस्तेमाल करना हर भारतीय के लिए बेहद गर्व और सहूलियत की बात है।

कंबोडिया बना नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश

डिजिटल इंडिया के इस वैश्विक कारवां में कंबोडिया भी नया भागीदार बन गया है। भारत और कंबोडिया के बीच क्रॉस बॉर्डर क्यूआर पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की गई है। यह सुविधा एनपीसीआई इंटरनेशनल और कंबोडिया के एसीएलईडीए (ACLEDA) बैंक के आपसी सहयोग से चालू हुई है।

इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद अब कंबोडिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और प्रमुख मर्चेंट आउटलेट्स पर भारतीय यात्री बिना किसी परेशानी के यूपीआई से भुगतान कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

विदेश यात्रा में आखिर क्यों फायदेमंद है यूपीआई?

यूपीआई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप विदेश में भी अपने पुराने और परिचित मोबाइल ऐप का ही इस्तेमाल करते हैं। इससे नकदी चोरी होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि यूपीआई भुगतान पर कोई अतिरिक्त सर्विस चार्ज नहीं लगता है।

यूज़र्स को इस बात का ध्यान रखना होगा कि संबंधित बैंक अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर शुल्क और विदेशी मुद्रा विनिमय दरें अवश्य लागू कर सकते हैं। इसके बावजूद यह डिजिटल माध्यम क्रेडिट कार्ड और विदेशी मुद्रा के पारंपरिक तरीकों से कहीं अधिक सस्ता और सुरक्षित साबित हो रहा है।

Author: Rajesh Kumar

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories