Lifestyle News: गर्मियों का मौसम अपने साथ चिलचिलाती धूप और उमस के साथ कई तरह की शारीरिक समस्याएं लेकर आता है। इस बदलते मौसम में खुद को सेहतमंद रखना एक बड़ी चुनौती होती है। खासतौर पर लड़कियों को इस दौरान अपनी पर्सनल हाइजीन का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
बढ़ता हुआ तापमान, अत्यधिक पसीना और हवा में नमी लड़कियों की सेहत और त्वचा दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सिर्फ फैशन और स्टाइल पर ध्यान देना काफी नहीं है। इस मौसम में की गई छोटी सी लापरवाही भी गंभीर स्किन इंफेक्शन और बैक्टीरियल बीमारियों का कारण बन सकती है।
चेहरे पर बार-बार हाथ लगाने से बचें
गर्मियों में चेहरे पर पसीना आना बेहद आम बात है, लेकिन कई लड़कियां बार-बार अपने हाथों से पसीना पोंछने लगती हैं। हाथों पर जमा धूल-मिट्टी और अदृश्य बैक्टीरिया चेहरे पर पहुंचकर पिंपल्स, एलर्जी और गंभीर एक्ने का कारण बनते हैं। पसीना साफ करने के लिए हमेशा साफ टिश्यू का ही इस्तेमाल करें।
समय पर कराएं वैक्सिंग और बॉडी क्लीनिंग
तेज गर्मी के कारण अंडरआर्म्स और जांघों के आसपास पसीना बहुत ज्यादा जमा होता है। ऐसे में अनचाहे बालों को समय-समय पर हटाना बेहद जरूरी हो जाता है। शरीर के इन हिस्सों की नियमित सफाई करने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम होता है और आप खुजली व रैशेज से बची रहती हैं।
गैजेट्स की सफाई भी है बेहद जरूरी
मोबाइल फोन और ईयरफोन जैसी चीजें दिनभर हमारे हाथों और चेहरे के सीधे संपर्क में आती हैं। गर्मियों के दिनों में पसीने और धूल के कारण इन गैजेट्स की सतह पर बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इसलिए अपने फोन की स्क्रीन और ईयरफोन को समय-समय पर सैनिटाइज करना बिल्कुल न भूलें।
सोने से पहले मेकअप हटाना है अनिवार्य
रात को बिना मुंह धोए सो जाना त्वचा के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है। गर्मी के मौसम में पसीना और चेहरे पर लगा मेकअप आपस में मिलकर त्वचा के रोमछिद्रों (पोर्स) को पूरी तरह बंद कर देते हैं। इससे त्वचा खुलकर सांस नहीं ले पाती और चेहरे पर मुंहासे निकलने लगते हैं।
ब्यूटी प्रोडक्ट्स और तौलिया कभी न करें शेयर
अक्सर लड़कियां अपनी सहेलियों या परिवार के सदस्यों के साथ तौलिया, फेस टॉवल या मेकअप ब्रश शेयर कर लेती हैं। गर्मियों में ऐसा करना फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को सीधे दावत देने जैसा है। अपनी इन निजी चीजों को हमेशा अलग रखें और नियमित रूप से इनकी अच्छी तरह सफाई करती रहें।
Author: Karuna Sen


