Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में वित्त विभाग की एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उन्होंने राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति, रेवेन्यू कलेक्शन, खर्च प्रबंधन और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रोग्रेस रिपोर्ट का बारीकी से आकलन किया।
सीमित संसाधनों में विकास को गति देने की रणनीति
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से राज्य की ताजा आर्थिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया। सुक्खू ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सीमित संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों को गति देना है। जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए फाइनेंशियल डिसिप्लिन और ट्रांसपेरेंसी जरूरी है।
इस हाई प्रोफाइल बैठक में अलग-अलग विभागों के बजट प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने रेवेन्यू बढ़ाने के नए उपायों तथा लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ब्यूरोक्रेट्स को कड़े निर्देश दिए कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए नए सोर्सेज की पहचान की जाए।
अनावश्यक खर्चों पर रोक और बुनियादी ढांचे पर फोकस
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों से कहा कि वे फिजूलखर्ची और अनावश्यक खर्चों पर तुरंत नियंत्रण रखें। राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े प्रयास कर रही है। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के विकास और जनकल्याण के बीच एक मजबूत और सटीक संतुलन बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) से जुड़े कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। वित्त विभाग के वरिष्ठ अफसरों ने बैठक में विभिन्न फाइनेंशियल इंडिकेटर्स की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक के आखिरी चरण में राज्य की आर्थिक चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गंभीर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन को और अधिक इफेक्टिव बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समयबद्ध तरीके से सीधे आम जनता तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
Reported By: Sunita Gupta


