Washington News: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-3 मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का एलान कर दिया है। इस ऐतिहासिक मिशन के लिए एक इतालवी और तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को चुना गया है। नासा के प्रशासक जेरेड आइजैकमान ने पूरी टीम को बधाई दी है।
अंतरिक्ष जगत के इस बड़े मिशन को अगले साल यानी 2027 में लॉन्च किया जा सकता है। नासा के अनुसार इस दल में रैंडी ब्रेसनिक, फ्रैंक रुबियो, आंद्रे डगलस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के लूका परमिटानो शामिल हैं। यह घोषणा आर्टेमिस-2 मिशन की शानदार सफलता के ठीक दो महीने बाद की गई है।
अपोलो 13 का रिकॉर्ड तोड़ चुका है आर्टेमिस-2
गौरतलब है कि आर्टेमिस-2 मिशन ने हाल ही में चंद्रमा का चक्कर लगाकर एक नया इतिहास रचा था। इस मिशन ने अंतरिक्ष में किसी भी मानवयुक्त यान द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी का अपोलो 13 का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इस सफलता से वैज्ञानिकों के हौसले बुलंद हैं।
हालांकि, आर्टेमिस-3 मिशन के तहत चुने गए ये चारों अंतरिक्ष यात्री सीधे चांद की सतह पर कदम नहीं रखेंगे। इस मिशन का उद्देश्य तकनीकी रूप से खुद को ज्यादा मजबूत करना है। ये यात्री पृथ्वी की निचली कक्षा में रहकर ओरियन कैप्सूल की क्षमताओं का कड़ा परीक्षण करेंगे।
एलन मस्क और जेफ बेजोस के बीच महामुकाबला
अंतरिक्ष यात्री स्पेस में अपने ओरियन कैप्सूल को दो अलग-अलग कमर्शियल लूनर लैंडर्स के साथ जोड़ने (डाक करने) का कड़ा अभ्यास करेंगे। इस तकनीक का सफल होना भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसी के बाद इंसानों को सीधे चांद पर उतारा जाएगा।
इस मिशन के लिए लूनर लैंडर बनाने की रेस में दुनिया के दो सबसे अमीर कारोबारियों की कंपनियां आमने-सामने हैं। एलन मस्क की कंपनी ‘स्पेसएक्स’ और जेफ बेजोस की कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ इस दौड़ में शामिल हैं। दोनों ही कंपनियां नासा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीक विकसित कर रही हैं।
Author: Pallavi Sharma


