शिमला के गौसदन में गायों की मौत का सच क्या है? RTI के खुलासे और सोशल मीडिया के दावों ने मचाया हड़कंप

Himachal News: शिमला जिले की कुपवी तहसील में एक गौसदन को लेकर भारी बवाल मच गया है। स्थानीय लोगों ने गौसदन प्रबंधन पर गायों की मौत और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बदहाली का दावा किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब जांच शुरू कर दी है। हालांकि, गौसदन संचालक ने इन सभी दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है।

संचालक ने आरोपों को बताया निराधार और भ्रामक

गौसदन के संचालक भगत चंद ने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान वर्ष 2024 से नियमों के तहत चल रहा है। संचालक के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे वीडियो वास्तविक स्थिति नहीं दिखाते। उन्होंने दावा किया कि गौसदन में किसी भी गाय की मौत नहीं हुई है। सभी पशुओं की देखभाल के लिए पांच कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने गायब होने की खबरों को भी पूरी तरह गलत बताया है।

RTI से मिली जानकारी ने खड़े किए बड़े सवाल

इस विवाद में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी ने आग में घी डालने का काम किया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि रिकॉर्ड में 200 गायों के नाम पर बजट जारी हो रहा है। इसके विपरीत, मौके पर पशुओं की संख्या बहुत कम पाई गई है। आरटीआई के अनुसार प्रति गाय लगभग 1200 रुपये की सरकारी राशि का प्रावधान है। ग्रामीणों का आरोप है कि फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है और चारे की कमी है।

गायों की मौत और चारे की किल्लत का आरोप

स्थानीय निवासियों ने गौसदन की व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन पांच से छह गायों की मौत हो रही है। पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं दिया जा रहा है, जिससे वे भूख से दम तोड़ रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के बाद पुलिस की एक टीम ने घटना स्थल का दौरा किया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि बजट की बंदरबांट और पशुओं की सुरक्षा की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शिमला पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव सिंह ने मामले पर आधिकारिक बयान दिया है। उन्होंने बताया कि गौसदन से जुड़े सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories