Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान के बीच कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने नेताओं को बड़ी नसीहत दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपनी ही सरकार पर सोशल मीडिया पर निशाना साधना बंद करें। संगठन और सरकार की बातें बंद कमरों में तय होनी चाहिए, न कि फेसबुक या मीडिया के सामने।
सोशल मीडिया पर बयानबाजी से छवि खराब होने की चिंता
शिमला में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कृषि मंत्री ने अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको बोलने का हक है, लेकिन इंटरनेट मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पार्टी के फैसलों पर सवाल उठाना गलत परंपरा है। बिना तथ्यों के सार्वजनिक मंचों पर की गई बयानबाजी संगठन की साख को भारी नुकसान पहुंचाती है।
नीरज भारती के तीखे हमलों पर तंज कसते हुए चंद्र कुमार ने एक दिलचस्प मिसाल दी। उन्होंने कहा कि जब बाप का जूता बेटे के पैर में आने लगता है, तो उसे समझाना बेहद मुश्किल हो जाता है। राजनीतिक दलों में आपसी मतभेद बेहद स्वाभाविक हैं, लेकिन इसका समाधान केवल बातचीत से ही संभव हो सकता है।
युवा नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए बातचीत का विकल्प
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। हालांकि, वे जल्द ही युवा नेताओं और नाराज कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने के लिए उनसे सीधा संवाद करेंगे। नेतृत्व किसी भी मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगा।
चंद्र कुमार ने आगे कहा कि सरकार की रचनात्मक आलोचना का हमेशा स्वागत होना चाहिए। विपक्ष का काम हमला करना है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को खुद संयम बरतना होगा। संगठन की मजबूती और सरकार की स्थिरता के लिए सभी मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझदारी से निभानी होगी।
Author: Harikarishan Sharma

