Himachal Pradesh News: हिमाचल सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। वेतन और पेंशन के समय पर भुगतान न होने से नाराज हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने प्रबंधन को उग्र आंदोलन की दो टूक चेतावनी दे दी है।
संघ के प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर ने इस संबंध में प्रबंध निदेशक को एक आधिकारिक नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने साफ कहा कि कर्मचारियों और सेवादारों की करोड़ों रुपये की देनदारियां काफी समय से अटकी हुई हैं। इससे कर्मियों को गंभीर आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है।
वेतन और पेंशन मिलने में हो रही हफ्तों की देरी
महामंत्री पराशर ने आरोप लगाया कि हर महीने मिलने वाला पारिश्रमिक तय समय पर जारी नहीं हो रहा है। कर्मियों को अक्सर 10, 12 या फिर 15 तारीख के बाद वेतन मिल रहा है। ठीक यही स्थिति बुजुर्ग पेंशनरों की भी है, जिन्हें समय पर सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।
यूनियन नेताओं ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मांग पत्र भेजने और वार्ता की गुहार लगाने के बाद भी अफसरों ने संवाद नहीं किया। प्रबंधन के इस अड़ियल और उदासीन रवैये के कारण राज्यभर के कर्मचारियों में भारी रोश व्याप्त है।
पदाधिकारियों की बैठक में विरोध प्रदर्शन पर बड़ा फैसला
समस्याओं पर रणनीति बनाने के लिए 25 मई 2026 को प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर ने की। इसमें भारतीय मजदूर संघ और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के कई राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता भी विशेष रूप से शामिल हुए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से बड़े आंदोलन का फैसला लिया गया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मियों को हर महीने की पहली तारीख तक भुगतान नहीं हुआ, तो वे दो जून से मोर्चा खोल देंगे। इसके तहत पूरे प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
परिवहन मजदूर संघ ने अब सीधे सरकार और प्रबंधन से ठोस समाधान की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि बजट का स्थायी प्रावधान करके पहली तारीख को ही भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सरकार समय रहते ठोस कदम उठाए ताकि कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
Author: Sunita Gupta

