Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में आग की दो बड़ी घटनाओं ने पूरे सूबे में हड़कंप मचा दिया है। सोलन जिले के कंडाघाट में जहां भीषण वनाग्नि ने तांडव मचाया, वहीं राजधानी शिमला के सचिवालय के पास एक दुकान जलकर खाक हो गई। दोनों ही हादसों में गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
पहली घटना सोलन जिले के कंडाघाट स्थित क्यारीघाट गांव की है। यहां मंगलवार को अचानक जंगलों में भयंकर आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग की लपटें तेजी से पूरी पहाड़ी पर फैल गईं। आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था।
सोलन के जंगलों में भड़की बेकाबू आग से जैव विविधता को खतरा
कंडाघाट में स्थिति गंभीर होते देख स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आपातकालीन दमकल विभाग की टीमों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाला। सभी ने मिलकर कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ने से समय रहते रोका।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान ने इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले तीन-पांच दिनों से सोलन के जंगलों में आग धधक रही है। इससे बहुमूल्य वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की।
सचिवालय के समीप दुकान में लगी आग से मची भारी तबाही
दूसरी घटना शिमला के छोटा शिमला इलाके की है। यहां हिमाचल प्रदेश सचिवालय के बिल्कुल नजदीक स्थित एक दुकान में अचानक आग भड़क उठी। आग लगने से दुकान के अंदर रखा सारा सामान और लकड़ी का पूरा ढांचा चंद मिनटों में जलकर पूरी तरह राख हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम दो फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। मुस्तैदी के कारण यह भीषण आग आसपास की अन्य दुकानों और मुख्य व्यावसायिक इमारतों तक नहीं फैल सकी।
चुल्हासन फायर स्टेशन के सब-फायर ऑफिसर भगत राम ठाकुर ने बताया कि उन्हें क्षेत्रीय अधिकारी नितिन दीवान से गुरुद्वारे के पास निर्माण स्थल पर आग की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में दुकान के इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
समय रहते आग पर काबू पाने से टला एक बड़ा रिहाइशी हादसा
पीड़ित दुकानदार मोनू गुप्ता ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, तब वह दुकान बंद कर नीचे सामान लेने गए थे। वापस लौटने पर उन्हें दुकान में आग लगने की जानकारी मिली। दुकान का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह लकड़ी का बना होने के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया।
दुकानदार के अनुसार मिक्सर ग्राइंडर समेत लाखों रुपये का कीमती सामान जल गया है। इस हादसे में किराएदार को सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। जिस दो मंजिला इमारत में यह दुकान मौजूद है, उसकी ऊपरी मंजिल पर करीब पांच से छह परिवार रहते हैं।
समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लेने से इन परिवारों की जान सुरक्षित बच गई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का सटीक आकलन कर रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग आग लगने के असली कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
Author: Sunita Gupta

