Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पुरुषों की सेहत को लेकर एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। भारत सरकार की ताजा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की मृत्यु दर करीब 39 फीसदी अधिक दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि खूबसूरत पहाड़ों में रहने वाले पुरुषों की जिंदगी अधिक जोखिम में है। राज्य में इस समय कुल मृत्यु दर 6.7 प्रति हजार आबादी है। इसमें पुरुषों की मृत्यु दर जहां 7.8 प्रति हजार पाई गई, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा सिर्फ 5.6 प्रति हजार रहा।
ग्रामीण इलाकों में सेहत का यह अंतर और भी ज्यादा बड़ा दिखाई देता है। गांवों में रहने वाले पुरुषों की मृत्यु दर 8.4 प्रति हजार तक पहुंच चुकी है। इसके विपरीत ग्रामीण महिलाओं में यह केवल 5.4 प्रति हजार है। शहरों में पुरुष मृत्यु दर 6.8 और महिला दर 5.8 प्रति हजार है।
राष्ट्रीय औसत से अधिक है हिमाचल में लोगों की मृत्यु दर
एसआरएस रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल की कुल मृत्यु दर देश के राष्ट्रीय औसत 6.4 प्रति हजार से भी ज्यादा है। अलग-अलग आयु वर्ग के आंकड़े भी पुरुषों की स्थिति को दयनीय बताते हैं। 40 से 44 साल के पुरुषों की मृत्यु दर 4.8 है, जबकि महिलाओं की दर मात्र 1.5 है।
इसी तरह 45 से 49 साल के आयु वर्ग में पुरुषों की मृत्यु दर 6.1 दर्ज की गई है। वहीं इस उम्र की महिलाओं में यह सिर्फ 1.4 प्रति हजार है। 55 से 59 साल के पुरुषों की मृत्यु दर 8.9 है, जबकि इस श्रेणी की महिलाओं में यह आंकड़ा महज 3.1 प्रति हजार रहा।
दूसरे राज्यों से तुलना करें तो देश में सबसे कम मृत्यु दर दिल्ली में 4.5 प्रति हजार है। इसके उलट छत्तीसगढ़ में यह सबसे ज्यादा 8.4 प्रति हजार दर्ज हुई है। हिमाचल इस सूची में बीच में है, लेकिन महिला-पुरुष का यह बड़ा अंतर एक नया संकट बन गया है।
खराब जीवनशैली और बढ़ता तनाव बन रहा है मुख्य कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों में हार्ट अटैक, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रेस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिगरेट और शराब का अत्यधिक सेवन भी उनकी सेहत बिगाड़ रहा है। कामकाजी तनाव और गाड़ी चलाते समय होने वाले एक्सीडेंट भी इसकी बड़ी वजह हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक पुरुष अक्सर अपनी नियमित हेल्थ जांच कराने में बड़ी लापरवाही बरतते हैं। इस गंभीर अंतर को कम करने के लिए पूरे प्रदेश में विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत है। नियमित चेकअप, संतुलित डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर ही इस खतरे को टाला जा सकता है।
Reported By: Asha Thakur


