Himachal Pradesh News: मंडी जिले के धर्मपुर के रहने वाले रतीश ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे प्रदेश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। उन्होंने देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड में यह गौरव हासिल किया। रतीश ने अपने फौजी पिता के पदचिन्हों पर चलकर इस मुकाम को छुआ है।
रतीश के पिता कश्मीर सिंह खुद भारतीय सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं। उनकी माता पूनम देवी एक कुशल गृहिणी हैं। बचपन से ही देश सेवा का सपना देखने वाले इस युवा ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर सेना में ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया है।
रतीश ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने 12वीं की शिक्षा बैजनाथ के परमार्थ इंटरनेशनल स्कूल से हासिल की। वे बचपन से ही पढ़ाई और खेलकूद में बहुत तेज थे। इस वजह से उनका चयन सेना में काफी जल्दी हो गया।
पढ़ाई के दौरान ही नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुआ शानदार चयन
अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान ही रतीश की प्रतिभा रंग लाई। उनका सिलेक्शन सीधे नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी एनडीए में हो गया। उन्होंने वहां तीन साल का बेहद कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद उन्होंने एक वर्ष का विशेष सैन्य प्रशिक्षण देहरादून की प्रतिष्ठित एकेडमी में लिया।
देहरादून में हुए पासिंग आउट परेड के ऐतिहासिक दीक्षा समारोह में रतीश को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का स्टार मिला। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित कमीशन प्रदान किया। इस ऐतिहासिक पल को देखकर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
पोते के सेना में बड़ा अधिकारी बनने पर दादा अमी चंद और दादी निर्मला देवी फूले नहीं समा रहे हैं। चाचा विपन कुमार, चाची निशा और भाई शिवम सहित पूरे गांव में जश्न का माहौल है। रतीश ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के बेहतरीन मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया है।
Reported By: Sunita Gupta


