Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा राज्यव्यापी ऑपरेशन चलाया है। ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ के दूसरे फेज के तहत बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में एक्टिव मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।
इस बड़े मेगा ऑपरेशन के दौरान पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीमों ने 236 संदिग्ध नशा तस्करों के घरों और खुफिया ठिकानों पर रेड डाली। इस बड़े एक्शन से पूरे राज्य के नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।
इंटेलिजेंस इनपुट और टेक्निकल एनालिसिस से टूटा नेटवर्क
पुलिस मुख्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह पूरा मेगा ऑपरेशन खुफिया सूचनाओं, टेक्निकल एनालिसिस और सभी जिलों के बेहतरीन को-ऑर्डिनेशन के आधार पर प्लान किया गया था। इस रेड का मुख्य मकसद ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह तबाह करना और अपराधियों को पकड़ना था।
स्पेशल टीमों ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद की है। पुलिस ने मौके से 12.59 ग्राम चिट्टा यानी हेरोइन, 13.8 किलोग्राम चूरा-पोस्त, 70 ग्राम अफीम और 14,250 मिलीलीटर अवैध शराब जब्त की है। इसके साथ ही तस्करों के पास से 2,31,690 रुपये का भारी कैश भी बरामद हुआ है।
एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट के तहत मामले दर्ज
इस बड़ी बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच नए केस दर्ज किए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट के तहत दो अन्य क्रिमिनल केस भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इन अपराधियों के पूरे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नशीली सामग्री और बैंक खातों से जुड़े पहलुओं की गहन जांच जारी है। पुलिस इस अवैध धंधे के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। नशा कारोबार की पूरी श्रृंखला को जल्द ही नेस्तनाबूद किया जाएगा।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और कम्युनिटी पुलिसिंग
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है। इसका असली मकसद समाज में ड्रग्स के खिलाफ अवेयरनेस बढ़ाना भी है। युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग और सामाजिक भागीदारी को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने नशा तस्करों के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में नशा माफियाओं के खिलाफ ऐसे आक्रामक और बड़े सर्च ऑपरेशन और भी अधिक व्यापक स्तर पर जारी रखे जाएंगे। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीक्रेट रहेगी पहचान, पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
पुलिस विभाग ने देवभूमि के सभी नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि किसी को भी ड्रग्स की तस्करी, अवैध बिक्री या इसके स्टोरेज की कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत डायल-112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
डीजीपी अशोक तिवारी ने प्रदेशवासियों को पूरा भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के सक्रिय सहयोग से ही हिमाचल प्रदेश को चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के अभिशाप से मुक्त कराया जा सकता है।
Reported By: Sunita Gupta


