Himachal News: हिमाचल प्रदेश के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। आर्मी इंटेलिजेंस के पूर्व सैन्य अधिकारी मनोज कुमार कौशल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए। उन्होंने दावा किया कि इस रसूखदार नौकरशाह ने अपने पद का दुरुपयोग करके निजी व्यवसायों में मोटी हिस्सेदारी बनाई है।
पीएमओ और विजिलेंस तक पहुंची मामले की शिकायत
पूर्व सैन्य अधिकारी ने मामले की शिकायत सीधे देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय सतर्कता आयोग, प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजी है। उन्होंने मीडिया को बताया कि यह अधिकारी उद्योग, रियल एस्टेट, आलीशान होटल व्यवसाय और स्टोन क्रशर के अवैध कारोबार में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
शिकायतकर्ता मनोज कुमार कौशल के मुताबिक इस आईएएस अधिकारी ने कांगड़ा जिले के नूरपुर में एक बड़े स्टोन क्रशर कारोबारी और एक स्थानीय पत्रकार के साथ मिलकर गुप्त साझेदारी की है। इस गठजोड़ के जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये का अवैध आर्थिक लाभ कमाया गया। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मच गया है।
ससुराल के नाम पर उद्योग चलाने का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि ऊना जिले में स्थापित एक बड़ी फैक्ट्री से भी इस अधिकारी का सीधा संबंध है। यह उद्योग पहले अधिकारी के ससुराल पक्ष के उपनाम पर पंजीकृत था, लेकिन पोल खुलने के डर से बाद में इसका नाम बदल दिया गया। अधिकारी लंबे समय तक उद्योग विभाग के महत्वपूर्ण पदों और जिलों में उपायुक्त रहे हैं।
मनोज कुमार कौशल ने सरकार से आग्रह किया है कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद सभी पुख्ता सबूत और दस्तावेज जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं, जिससे बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सकेगा।
Author: Sunita Gupta


