Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत पर जाने-माने अधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ छोटा शिमला थाने में केस दर्ज किया है। पूर्व मुख्य सचिव के रिटायर होने वाले दिन ही पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पूर्व मुख्य सचिव ने लगाए वकील पर गंभीर आरोप
रिटायर आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वकील विनय शर्मा ने मार्च महीने में उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए थे। इस वजह से उनकी प्रशासनिक और व्यक्तिगत छवि को समाज में भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर हुई जांच में वकील के आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन पाया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन खरीद से जुड़ी सभी जानकारियां अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत सरकार को समय पर दी गई थीं। सक्षम प्राधिकारी ने इन जानकारियों को रिकॉर्ड पर स्वीकार भी किया था। यह सौदा मुख्य सचिव का पद संभालने से कई महीने पहले हुआ था, जिससे पद के दुरुपयोग के आरोप पूरी तरह निराधार साबित होते हैं।
करोड़ों के घोटाले के आरोपों से गरमाया सियासी माहौल
दरअसल, यह पूरा मामला सोलन जिले के चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट और मोहाली के खरड़ में जमीन खरीद से जुड़ा है। वकील विनय शर्मा ने पूर्व मुख्य सचिव पर पद का दुरुपयोग करने और 1500 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगाए थे। हालांकि, पूर्व मुख्य सचिव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
दूसरी तरफ, मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल विनय शर्मा ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पोस्ट लिखकर तंज कसा कि असली गड़बड़ी करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, बल्कि मामले की रिपोर्ट करने वाले के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
Author: Sunita Gupta


