Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में इस समय एक बड़ा गंभीर आर्थिक संकट चल रहा है। इस वित्तीय तंगी के कारण अब प्रदेश की आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के मंडी जिले से इस दुर्दशा का एक बेहद हैरान करने वाला नया मामला सामने आया है।
मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की उपतहसील मंडप के सरकारी अस्पताल की ईसीजी मशीन पिछले कई दिनों से पूरी तरह खराब पड़ी है। इस मशीन को ठीक करवाने के लिए भी राज्य सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं है। इसी वजह से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से चंदा देने की खुली अपील की है।
व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर मांगी गई स्वैच्छिक वित्तीय सहायता
अस्पताल की मशीन खराब होने से मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए एक सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ने व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजा। उसने लिखा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना क्षेत्रवासियों का नैतिक दायित्व है। उसने नई ईसीजी मशीन खरीदने के लिए लोगों से स्वैच्छिक वित्तीय सहयोग की मांग की।
संधोल क्षेत्र के बीएमओ धर्मपाल ने बताया कि मशीन खराब हुए दो-तीन दिन का समय बीत चुका है। उन्होंने जांच के लिए टेक्नीशियन को भी बुलाया है। बीएमओ के मुताबिक इस मशीन की कीमत 40 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक होती है। अक्सर ऐसी मशीनें लोग दान देकर ही खरीदते हैं।
अस्पताल की नई बिल्डिंग का काम रुका और युवाओं ने किया चंदे का विरोध
उधर गांव के बहुत से स्थानीय युवाओं ने इस तरह सरेआम चंदा उगाही करने का कड़ा विरोध जताया है। युवाओं का सीधा सवाल है कि क्या सरकारी मशीनें खरीदने के लिए भी अब प्रशासन के पास बजट नहीं बचा है? अगर जनता ही पैसे देगी तो फिर सरकार का क्या काम है।
पिछली भाजपा सरकार में इस अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर इसे सिविल अस्पताल घोषित किया गया था। तब 16 करोड़ रुपये की लागत से एक नई बड़ी बिल्डिंग का ठेका दिया गया था। मगर राज्य में कांग्रेस की सरकार आते ही बजट की कमी के कारण ठेकेदार ने काम बीच में ही रोक दिया।
दो महीने से नहीं मिला जरूरी सरकारी बजट और विधायक भी रहे नाकाम
अस्पताल प्रशासन को मिलने वाला नियमित सरकारी बजट पिछले दो महीनों से पूरी तरह बंद है। हर साल दैनिक खर्चे चलाने के लिए मिलने वाली ढाई लाख की राशि अब तक नहीं आई है। फिलहाल एनएचएम के पैसों से किसी तरह रोजमर्रा का काम चलाया जा रहा है।
यहां मरीजों के ब्लड टेस्ट के लिए कोई आधुनिक एडवांस मशीन भी उपलब्ध नहीं है। हाल ही में जब क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर मंडप रेस्ट हाउस आए थे, तो ग्रामीणों ने उन्हें बेड और मशीनें खरीदने के लिए एक एप्लीकेशन दी थी। इसके बावजूद धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है।
हृदय रोगियों के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण होती है ईसीजी मशीन
बता दें कि किसी भी चिकित्सालय में ईसीजी या इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम मशीन का मुख्य काम दिल की धड़कन मापना होता है। इससे हर्ट रेट रिकॉर्ड किया जाता है। डॉक्टर इसी मशीन की रिपोर्ट से दिल का दौरा पड़ने, मांसपेशियों के नुकसान या नसों के ब्लॉकेज का सटीक पता लगाते हैं।
Author: Sunita Gupta

