Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित नाचन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी ने एक बहुत बड़ी सियासी बढ़त हासिल की है। हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्ष को पूरी तरह पछाड़ दिया है।
स्थानीय नेताओं के दावों के मुताबिक नाचन क्षेत्र की कुल 62 ग्राम पंचायतों में से 32 पंचायतों में कांग्रेस विचारधारा के प्रधान निर्वाचित हुए हैं। इसके साथ ही 21 पंचायतों में उपप्रधान के पदों पर भी पार्टी समर्थित प्रत्याशियों ने एकतरफा और बहुत ही शानदार जीत दर्ज की है।
कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से मिली ऐतिहासिक चुनावी कामयाबी
नाचन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीप शर्मा ने इन शानदार चुनाव परिणामों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत वरिष्ठ नेताओं के कुशल मार्गदर्शन और जमीनी स्तर पर दिन-रात काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का ही सुखद परिणाम है।
ब्लॉक अध्यक्ष दीप शर्मा ने आगे बताया कि क्षेत्र की 9 पंचायतें ऐसी भी हैं जहां कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार केवल उपप्रधान पद पर ही विजयी रहे हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर नाचन की 42 पंचायतों में कांग्रेस पार्टी का सीधा और मजबूत प्रतिनिधित्व अब पूरी तरह सुनिश्चित हो गया है।
उन्होंने एससी-एसटी विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी नरेश चौहान और संगठन के अन्य पदाधिकारियों का आभार जताया। नेताओं ने लगातार फील्ड में रहकर संगठन को मजबूत किया, जिसका सीधा और बड़ा फायदा पार्टी को इन स्थानीय ग्रामीण चुनावों में देखने को मिला है।
विधायक के गृह क्षेत्र चैल चौक में भी हारी भाजपा
दीप शर्मा ने दावा किया कि इन नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि नाचन क्षेत्र में अब भाजपा की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने मौजूदा भाजपा विधायक विनोद कुमार की जनविरोधी नीतियों और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार के खिलाफ अपना कड़ा गुस्सा व्यक्त किया है।
राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा झटका भाजपा को तब लगा जब विधायक विनोद कुमार के अपने गृह पंचायत चैल चौक में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को प्रधान पद पर करारी हार का सामना करना पड़ा। यह परिणाम नाचन की जनता के पूरी तरह बदलते हुए राजनीतिक रुझान को साफ दर्शाता है।
कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि जिन सीटों पर उनके उम्मीदवार नहीं जीत पाए, वहां भी भाजपा को कामयाबी नहीं मिली बल्कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अब भ्रामक आंकड़े पेश करके आम जनता को गुमराह करने का एक असफल प्रयास कर रहे हैं।
Author: Harikarishan Sharma


