Ahmedabad News: गुजरात सरकार ने अहमदाबाद मेडिकल छात्रावास परिसर को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। पिछले साल एअर इंडिया विमान दुर्घटना में बुरी तरह तबाह हुए इस परिसर का अब पूरी तरह से कायाकल्प किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल के पुनर्निर्माण की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
हालांकि, इस फैसले के बीच एक नया मोड़ भी सामने आ रहा है। विमान हादसे में जान गंवाने वाले कुछ पीड़ित परिवार इस जगह को नए सिरे से बनाने का विरोध कर रहे हैं। इन परिवारों की मांग है कि इस पूरे दुर्घटना स्थल को एक पवित्र स्मारक के रूप में हमेशा के लिए सुरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए।
अत्याधुनिक छात्रावास पर खर्च होंगे 105 करोड़ रुपये
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने सरकार के इस बड़े प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उसी पुराने स्थल पर एक नए और बेहद अत्याधुनिक छात्रावास का निर्माण करने जा रही है। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर लगभग 105 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
सरकार का मानना है कि मेडिकल छात्रों की सुविधा के लिए इस छात्रावास का जल्द से जल्द बनना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी जरूरी प्रशासनिक मंजूरियां और बजट की व्यवस्था की जा रही है। नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ताकि छात्रों को पढ़ाई और रहने के लिए एक बेहतरीन माहौल मिल सके।
यादों और अपूरणीय क्षति से जुड़ा है यह पूरा स्थल
हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवारों की भावनाएं इस जगह से बहुत गहराई से जुड़ी हुई हैं। पीड़ित परिवारों ने भावुक होते हुए कहा कि हमारे लिए यह स्थान महज कोई साधारण जमीन का टुकड़ा या बुनियादी ढांचा नहीं है। यह स्थान हमारी अपूरणीय क्षति, अपनों की यादों और गहरे दुःख से जुड़ा हुआ एक पवित्र स्थल है।
बता दें कि लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआइ-171, 12 जून 2005 को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के ठीक बाद मेघानीनगर क्षेत्र में स्थित इसी मेडिकल छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दर्दनाक और भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
हादसे में गई थी 260 मासूम लोगों की जान
यह विमान हादसा भारत के इतिहास के सबसे बड़े और भीषण हवाई हादसों में से एक माना जाता है। इस भयानक दुर्घटना में विमान में सवार सभी 241 यात्रियों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही, विमान गिरने की वजह से जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हादसे में सिर्फ एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच पाया था।
अब जब सरकार यहां करोड़ों रुपये की लागत से नया हॉस्टल बनाने की तैयारी में जुट गई है, तब पीड़ित परिवारों की मांग ने प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। देखना होगा कि सरकार इन परिवारों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हॉस्टल परिसर के भीतर कोई छोटा स्मारक या मेमोरियल वॉल बनाती है या नहीं।
Author: Smit Patel

