Coimbatore News: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में दस वर्षीय मासूम के साथ हुई जघन्य वारदात ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दुखद मामले के बीच पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंसते और ठहाके लगाते दिखाई दे रहे हैं।
सुलूर इलाके में हुई इस क्रूर घटना के बाद से ही पूरे राज्य में भारी आक्रोश व्याप्त है। इक्कीस मई को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म और फिर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन कन्नमपलायम झील के पास बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिलने से लोगों में डर और गुस्से का माहौल है।
पुलिस ने इस मामले में तेईस मई को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक पीड़िता का पड़ोसी है। हालांकि, जांच की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों का संवेदनहीन रवैया लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वायरल वीडियो में अधिकारियों को हंसते देख जनता ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस के इस व्यवहार को “बेशर्मी की पराकाष्ठा” करार दिया है। लोगों का कहना है कि एक छोटी बच्ची के साथ हुई इतनी दर्दनाक घटना के समय पुलिस का यह व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उन पर सख्त कार्रवाई हो।
परिवार के गंभीर आरोप और सरकार की प्रतिक्रिया
पीड़ित बच्ची की मां ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें अंतिम संस्कार संबंधी प्रक्रियाओं में अंधेरे में रखा गया। मां का दावा है कि उनकी सहमति के बिना ही कई निर्णय लिए गए, जबकि पुलिस का कहना है कि पिता के हस्ताक्षर के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सरकार ने जांच प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों की संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। राज्य की जनता अब आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रही है, वहीं पुलिस के इस व्यवहार की निष्पक्ष जांच की भी पुरजोर वकालत की जा रही है।
Author: Karthik Srinivasan

