Murshidabad News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल इलाके में पुलिस पर हमले की एक बड़ी घटना सामने आई है। एक आरोपित को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। इस हमले में एक अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि उपद्रवी आरोपित को पुलिस गिरफ्त से छुड़ा ले गए।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को कूचियामोड़ा के निवासी आजमत शेख की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जो एक हथियार मामले में वांछित था। पुलिस जैसे ही उसे हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठाने लगी, स्थानीय लोगों ने टीम को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद पथराव और धक्का-मुक्की की शुरुआत हो गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपित फरार हो गया।
मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी के बाद भी घटनाएं जारी
यह हमला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उस सख्त हिदायत के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने पुलिस पर हमले को कतई बर्दाश्त न करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने 16 मई को डायमंड हार्बर में अधिकारियों को स्पष्ट किया था कि पुलिस का मार खाना स्वीकार्य नहीं है। बावजूद इसके, इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
हमले के बाद डोमकल थाने से अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा और रातभर चले तलाशी अभियान में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिला पुलिस प्रशासन ने इस मामले को अत्यधिक गंभीरता से लिया है। फरार मुख्य आरोपित आजमत शेख और अन्य हमलावरों की पहचान कर उनकी धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
कानून के शासन के लिए बड़ी चुनौती
सरकारी कामकाज में बाधा डालने और वर्दीधारी अधिकारियों पर हमला करना एक गंभीर अपराध है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा जा सके।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पुलिस महकमा भी अपनी कार्यशैली में सख्ती लाने की तैयारी कर रहा है। देखना होगा कि प्रशासन इस घटना के बाद आरोपितों को पकड़ने में कितनी जल्दी सफलता पाता है।
Author: Sourav Banerjee


