पटना की विरासत: 96 साल पुराने करबिगहिया थर्मल पावर प्लांट को मिलेगा ‘पावर म्यूजियम’ का नया स्वरूप

Patna News: राजधानी पटना की औद्योगिक विरासत का प्रतीक रहा करबिगहिया थर्मल पावर प्लांट जल्द ही एक नई पहचान हासिल करेगा। करीब 96 साल पुराने इस ऐतिहासिक बिजली केंद्र को अब एक आधुनिक ‘पावर म्यूजियम’ में तब्दील करने की तैयारी जोरों पर है। यह म्यूजियम पर्यटन, शैक्षणिक शोध और विरासत संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जहाँ लोग बिजली उत्पादन के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तकनीकी और बुनियादी स्तर पर काम शुरू हो गया है। म्यूजियम के निर्माण क्षेत्र को सुरक्षित और बाधा रहित बनाने के लिए करबिगहिया पश्चिम विद्युत उपकेंद्र के तहत आने वाले 11 केवी खास महल फीडर, एलटी लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन सब स्टेशन को मीठापुर फ्लाइओवर से चिरैयाटांड की ओर स्थानांतरित किया जाएगा।

बिजली उत्पादन का गौरवशाली इतिहास

इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1.45 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है, जिसके लिए प्रशासन से स्वीकृति मांगी गई है। करबिगहिया थर्मल पावर प्लांट की स्थापना अंग्रेजों के शासनकाल में वर्ष 1930 में की गई थी। उस दौर में यह केंद्र राजभवन, सचिवालय, पीएमसीएच और पटना हाईकोर्ट जैसे राज्य के अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थानों के लिए बिजली का एकमात्र स्रोत था।

समय के साथ बढ़ते शहरीकरण, आबादी के दबाव और तकनीकी बदलावों के कारण वर्ष 1984 में यहां बिजली उत्पादन को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था। अब लगभग चार दशकों बाद, यह बंद पड़ा ऐतिहासिक प्लांट अपनी पुरानी भव्यता को आधुनिक प्रस्तुति के साथ संजोकर रखेगा। पावर म्यूजियम के रूप में यह न केवल पटना की औद्योगिक यात्रा को प्रदर्शित करेगा, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र भी बनेगा।

Author: Amit Yadav

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