Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। यहां पालमपुर उपमंडल के परौर में कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने न्यूगल खड्ड के बहते पानी में खतरनाक जहरीला पदार्थ मिला दिया। इसके कारण खड्ड का जलीय जीवन पूरी तरह तबाह हो गया है।
इस खौफनाक हरकत की वजह से नदी के पानी में मौजूद सैंकड़ों बेजुबान मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय ग्रामीणों ने पानी के ऊपर चील और कौवों के बड़े झुंड को मंडराते देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर जाकर इस तबाही को देखा।
जहरीले पानी के कारण बंद करनी पड़ीं पेयजल योजनाएं
नदी के पानी की सतह पर तैरती मृत मछलियों को देखकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने न सिर्फ जलीय जीवों का संहार किया बल्कि इंसानी जीवन को भी बड़े खतरे में डाल दिया। इसके बाद जल शक्ति विभाग थुरल के अधिकारियों ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है।
विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ने बताया कि न्यूगल नदी पर स्थापित सभी ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई स्कीमों को तुरंत बंद कर दिया गया है। जब तक पानी के सैंपल की लैब रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन सभी वाटर सोर्सेज से पानी उठाना पूरी तरह से बंद रहेगा।
लगभग 16 हजार की आबादी पर मंडराया संकट
इस बड़े फैसले के कारण परौर खड़ौठ, पुड़बा बलोटा, थुरल भ्रांता और लाहड़ू समेत कई गांवों की लगभग 16 हजार आबादी प्रभावित हुई है। विभाग पानी को पूरी तरह शुद्ध करने की कोशिश कर रहा है। वीरवार को पानी की जांच रिपोर्ट सही आने के बाद ही सप्लाई बहाल की जाएगी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इससे पहले बीती 31 मार्च को भी इसी खड्ड में जहर मिलाकर हजारों मछलियां मारी गई थीं। उस समय विभागीय ढील के कारण आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद शरारती तत्वों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने दोबारा इस वारदात को अंजाम दिया।
पालमपुर के असिस्टेंट डायरेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग की स्पेशल टीम को तुरंत मौके पर भेज दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें मिलकर दोषियों की तलाश कर रही हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस बार आरोपियों को जेल भेजा जाए।
Author: Sunita Gupta

