रामनगर हिंसा मामला: सांसद चंद्रशेखर आजाद विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हुए पेश, गैर जमानती वारंट कराया रिकॉल

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Uttar Pradesh News: आजाद समाज पार्टी (आसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद सोमवार को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। वह वर्ष 2017 के बहुचर्चित रामनगर जातीय हिंसा प्रकरण की अदालती सुनवाई के सिलसिले में पहुंचे थे। कोर्ट परिसर में हाजिर होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कई राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की।

श्रीराम मंदिर दान अनियमितता मामले की हो निष्पक्ष जांच

पत्रकारों से बातचीत में सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े दान मामले में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्था से जुटाए गए धन में कथित हेराफेरी की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस संवेदनशील मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन इस मामले में उच्च स्तर पर बैठे बड़े और जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है। चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि इस वित्तीय अनियमितता के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियां (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुई हैं। बिना एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) के एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करना संदेहास्पद है।

उत्तराखंड दौरे पर जाने की घोषणा और प्रशासन पर आरोप

उत्तराखंड के अपने हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए सांसद ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं दिया। प्रशासन जमीनी सच्चाई को छिपाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि वहां एक महापंचायत में सार्वजनिक तौर पर हिंसक धमकियां दी गईं, जो कि चिंताजनक है।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की कि लोकतंत्र में किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जनता से मिलने से रोका नहीं जा सकता है। वह जनसमस्याओं को सुनने के लिए आगामी 30 जून को एक बार फिर उत्तराखंड के दौरे पर जाएंगे। उन्होंने इस तरह की हिंसक घटनाओं को राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बताया।

रामनगर जातीय हिंसा केस में आठ आरोपी कोर्ट में पेश

सहारनपुर महानगर से सटे गांव रामनगर में मई 2017 में भीषण जातीय हिंसा भड़की थी। इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उपद्रवियों ने पत्रकारों के वाहनों सहित कई कारों को आग के हवाले कर दिया था। इसी मामले में अपर सत्र मुख्य न्यायिक मजिस्टर चतुर्थ मीनल चावला की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हुई।

अदालत की इस आवश्यक कार्यवाही के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित कुल आठ आरोपी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। चंद्रशेखर करीब 45 मिनट तक अदालत कक्ष में मौजूद रहे। उन्होंने कोर्ट से जारी अपने गैर जमानती वारंट (नॉन बेलेबल वारंट) को रिकॉल कराया। इस दौरान अदालत ने चार्ज फ्रेम (आरोप तय) करने की विधिक प्रक्रिया भी पूरी की।

कोर्ट में पेश न होने पर जारी हुआ था गैर जमानती वारंट

विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि इस आपराधिक मामले में कुल 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। इनमें से छह आरोपी अदालत की तारीखों पर नियमित रूप से उपस्थित हो रहे थे। जबकि सांसद चंद्रशेखर, दीपक बौद्ध, कालू, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी और राजन लगातार अनुपस्थित चल रहे थे।

लगातार गैरहाजिर रहने के कारण विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने इन सभी आठों आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इससे पहले मामले की पिछली सुनवाई छह जून को हुई थी। सोमवार को कोर्ट में सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तिथि निर्धारित की है।

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