Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर के लजीज आमों का स्वाद अब फ्रांस के लोग भी चखेंगे। सिंगापुर और दुबई के बाजारों में धूम मचाने के बाद मंगलवार को 1200 किलोग्राम आम की एक बड़ी खेप फ्रांस भेजी जाएगी। इससे क्षेत्र के आम उत्पादकों और निर्यातकों में काफी उत्साह है।
लंगड़ा, दशहरी और चौसा प्रजाति के आमों की अंतरराष्ट्रीय मांग
नगर की फल निर्यातक कंपनी अमिया फार्मफ्रेश और नोएडा की बानिया फ्रूट कंपनी के साझा सहयोग से यह निर्यात किया जा रहा है। इस विशेष खेप में लंगड़ा, दशहरी और चौसा प्रजाति के आम शामिल हैं। इन बागानों में कीटनाशकों का प्रयोग बेहद सीमित और नियंत्रित मात्रा में किया गया है।
विदेशी मानकों को पूरा करने के लिए अमरोहा के मैंगो पैक हाउस में आमों का हॉट वाटर ट्रीटमेंट (गर्म पानी का उपचार) किया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद कार्गो को दिल्ली एयरपोर्ट (हवाई अड्डे) ले जाया जाएगा। वहां से एयरलाइंस (विमान सेवा) के जरिए खेप सीधे फ्रांस भेजी जाएगी।
पहली जुलाई को मॉरीशस के लिए रवाना होगी अगली खेप
निर्यातक इशांत सैनी ने बताया कि फ्रांस से काफी समय से बड़े आर्डर मिल रहे थे। आम के पूरी तरह परिपक्व होने के बाद ही इसे भेजा जा रहा है। आगामी पहली जुलाई को हसनपुर से चौसा आम की एक और बड़ी खेप मॉरीशस के लिए रवाना की जाएगी।
विदेशी बाजारों से लगातार मिल रहे बेहतर रिस्पांस के बाद निर्यातकों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यदि आगामी व्यावसायिक स्थितियां अनुकूल रहीं, तो हर हफ्ते दुबई, फ्रांस और कई यूरोपीय देशों को नियमित रूप से आम की खेप भेजी जाएगी। पिछले साल भी यहां से बड़े पैमाने पर व्यापार हुआ था।
अनुकूल भूमि और पर्यावरण से बढ़ी हसनपुर के आमों की दीवानगी
अमरोहा जनपद में 13 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर आम के बागान मौजूद हैं। शासन ने अमरोहा और हसनपुर विकासखंड को विशेष ‘आम फल पट्टी’ का दर्जा दिया है। बलुई दोमट मिट्टी होने के कारण यहां आम की खेती के लिए सर्वोत्तम और अनुकूल पर्यावरण उपलब्ध है।
इसी विशिष्ट गुणवत्ता के कारण विदेशों के साथ-साथ दिल्ली, बिहार, राजस्थान और पड़ोसी देश बांग्लादेश के लोग भी अमरोहा के आमों के दीवाने हैं। इस सीजन में फ्रांस और मॉरीशस को पहली बार आम भेजा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे बड़ी पहचान मिल रही है।

