Delhi News: द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इटली की वायु सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एंटोनियो कंसेर्वा भारत दौरे पर आए हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित वायु सेना मुख्यालय में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से उच्च स्तरीय मुलाकात की।
सैन्य जुड़ाव और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर दिया विशेष जोर
सोमवार को वायु भवन में आयोजित इस रणनीतिक बैठक में दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव बढ़ाने पर गहन चर्चा हुई। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने वायु सेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी के नए रास्ते तलाशने की प्रतिबद्धता जताई। यह यात्रा नई दिल्ली और रोम के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों को दर्शाती है।
हाल के वर्षों में भारत और इटली के आपसी संबंधों को आधिकारिक तौर पर ‘रणनीतिक साझेदारी’ का सर्वोच्च दर्जा मिला है। इसी पृष्ठभूमि में इतालवी वायु सेना प्रमुख का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों की वायु सेनाएं आने वाले समय में संयुक्त सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग को बढ़ाएंगी।
वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने किया था फ्रांस का सफल दौरा
इस बैठक से पहले वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 5 जून को फ्रांस की तीन दिवसीय सफल आधिकारिक यात्रा पूरी की थी। पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि इस दौरे ने भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल की स्थायी साझेदारी को नया बल दिया है।
फ्रांस यात्रा के दौरान वायु सेना प्रमुख ने बलार्ड स्थित फ्रांसीसी वायु सेना मुख्यालय में वहां के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेरोम बेलेंजर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय वायु सेना प्रमुख को पारंपरिक गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी गारद) के साथ सर्वोच्च सैन्य सम्मान दिया गया था।
मेक इन इंडिया के तहत वैश्विक रक्षा कंपनियों से संवाद
वायु सेना प्रमुख ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के सैन्य स्टाफ के प्रमुख जनरल विंसेंट गिरॉड से भी मुलाकात की थी। इसके साथ ही उन्होंने इकोले मिलिटेयर में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय अधिकारी कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने मोंट-डी-मार्सन एयर कॉम्बैट सेंटर (वायु युद्ध केंद्र) का भी दौरा किया था।
वायु सेना प्रमुख ने वहां ऑरलियन्स एयर बेस से ए-400एम सैन्य परिवहन विमान में एक परिचयात्मक उड़ान भी भरी। इसके बाद उन्होंने भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ (भारत में निर्माण) पहल को बढ़ावा देने के लिए डसॉल्ट एविएशन, थेल्स, सफ्रान और एमबीडीए जैसी वैश्विक रक्षा कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की थी।

