Chamba News: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक मणिमहेश यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। यात्रा में शामिल होने वाले सभी भक्तों के लिए अब रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। हर साल मणिमहेश झील के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इसी भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
आपदा और आपात स्थिति में तुरंत मिलेगी मदद
इस बार प्रवेश व्यवस्था को काफी सख्त किया जाएगा। श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पंजीकरण होने से प्रशासन के पास सभी यात्रियों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे किसी भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकेंगे।
मणिमहेश यात्रा को हिमाचल की सबसे कठिन और दुर्गम धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम बहुत तेजी से बदलता है। अक्सर बारिश और भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की गाइडलाइंस पालने की अपील
नई व्यवस्था से यात्रा का प्रबंधन आसान होगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा काफी मजबूत होगी। प्रशासन ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले नियमों की जानकारी लें। इसके साथ ही स्वास्थ्य जांच, मौसम के अपडेट और यात्रा मार्ग की जानकारी जरूर रखें।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित मणिमहेश धाम भगवान शिव की आस्था का बड़ा केंद्र है। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश झील में स्नान करने आते हैं। कठिन रास्तों के बावजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहता है, जिसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

