Puri News: ओडिशा के पुरी में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को भारी बारिश के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में दम घुटने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहांडी रस्म के दौरान अचानक मची भगदड़
यह हादसा गुरुवार शाम करीब पांच बजे पहांडी रस्म के दौरान हुआ। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए लाखों लोग अचानक रथों की तरफ बढ़ने लगे। जब वहां मौजूद वॉलंटियर्स ने भीड़ को पीछे धकेला, तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ मच गई।
नौ दिनों तक चलेगी पवित्र रथयात्रा उत्सव
पुरी में ऐतिहासिक रथयात्रा इस बार 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगी। इसमें भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अलग-अलग रथों पर सवार होते हैं। ये रथ मुख्य मंदिर से तीन किलोमीटर दूर गुंडीचा मंदिर जाएंगे। तीनों भगवान वहां सात दिनों तक अपनी मौसी के घर रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जताया दुख
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि श्रद्धालुओं की मौत की खबर से वे बेहद आहत हैं। पटनायक ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार से भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
सुरक्षा के लिए की गई भारी तैनाती
पुरी में रथयात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 13,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की 15 कंपनियां तैनात हैं। सुरक्षा की निगरानी के लिए प्रशासन ने 473 एआई कैमरों का इस्तेमाल किया है। समुद्र में नौसेना और तटरक्षक बल भी पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
पिछले साल भी मची थी बड़ी भगदड़
इस पवित्र रथयात्रा के संपन्न होने के बाद रथों के हिस्सों को बेचा जाता है। बीते साल 2025 में भगवान जगन्नाथ के रथ के एक पहिये की न्यूनतम कीमत तीन लाख रुपये रखी गई थी। पिछले साल भी गुंडीचा मंदिर के बाहर मची भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।

