Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एचआरटीसी के रिटायर्ड कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार अब हर महीने 23 करोड़ रुपये का स्पेशल बजट जारी करेगी। इस फैसले से हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम के हजारों बुजुर्गों को हर महीने की सात से 10 तारीख के बीच नियमित पेंशन मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने पेंशनभोगी संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ की बैठक
शिमला में आयोजित एचआरटीसी पेंशनभोगी संयुक्त कार्रवाई समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत करते हुए हर महीने तय समय पर पेंशन वितरण करने के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में परिवहन विभाग के प्रबंधन को कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार अपने कर्मचारियों और रिटायर्ड लोगों के वेलफेयर के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के इस बड़े और संवेदनशील फैसले के बाद सभी बुजुर्ग पेंशनभोगियों ने मुख्यमंत्री का दिल से आभार व्यक्त किया।
पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए गंभीर सवाल
इस अवसर पर मौजूद पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय एचआरटीसी के बुजुर्गों को अपनी पेंशन के लिए अक्सर दो से तीन महीने तक लंबा इंतजार करना पड़ता था। इससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ता था।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि समय पर पेंशन मिलने से इन बुजुर्गों की आर्थिक मुश्किलें काफी कम हो जाएंगी। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास में परिवहन निगम के महत्वपूर्ण योगदान को भी खुले मन से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सेवारत कर्मचारियों और रिटायर्ड स्टाफ दोनों ने इस सरकारी संगठन को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
अक्टूबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसके साथ ही एचआरटीसी प्रबंधन को एक और बड़ा टास्क सौंपा है। उन्होंने उन कर्मचारियों के लिए पेंशन लाभ शुरू करने की प्रोसेस तेज करने का निर्देश दिया है, जो अक्टूबर 2025 के बाद सरकारी सेवा से रिटायर्ड हुए हैं और जिन्हें अब तक पहली पेंशन राशि नहीं मिल पाई है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दोटूक शब्दों में कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि सम्मान से जीने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने एचआरटीसी के उच्च अधिकारियों और वित्त विभाग के प्रबंधन को इस पूरे मामले में तत्काल प्रभाव से उचित और सकारात्मक कार्रवाई अमल में लाने के कड़े आदेश दिए हैं।
Reported By: Sunita Gupta

