मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने पर भड़की कांग्रेस, भाजपा पर लगाया सीट चोरी का संगीन आरोप!

Bhopal News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्य विपक्षी दल ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बड़ा हमला बताया है।

कांग्रेस ने भाजपा पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का सीधा आरोप लगाया है। पार्टी ने इस पूरी घटना को “लोकतंत्र की दिनदहाड़े लूट” करार दिया है। चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने देर रात तक जमकर हंगामा और नारेबाजी की।

दिल्ली से भोपाल तक मचा हड़कंप

नामांकन निरस्त होने की खबर मिलते ही कांग्रेस के कई दिग्गज नेता दिल्ली से भोपाल पहुंचे। चुनाव आयोग कार्यालय में जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को याचिका सौंपने के लिए अंदर जाने से रोका गया, तो माहौल बेहद गरमा गया। सुरक्षाकर्मियों ने अनुमति न होने का हवाला दिया था।

इस रोक के विरोध में केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और जयराम रमेश जैसे बड़े नेता दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं के कड़े रुख को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अब बुधवार को पार्टी के पदाधिकारियों को आधिकारिक चर्चा के लिए बुलाया है।

सुप्रीम कोर्ट जाने की पूरी तैयारी

कांग्रेस इस मामले को लेकर अब देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह कार्रवाई उनके खोखले लोकतांत्रिक दावों को उजागर करती है।

वेणुगोपाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत है। जब भाजपा को लगा कि कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की उसकी गंदी चालें नाकाम हो रही हैं, तो उसने साजिश रचकर नामांकन ही निरस्त करवा दिया ताकि वे सीट चोरी कर सकें।

विधायक बैठेंगे भूख हड़ताल पर

भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक आपातकालीन पत्रकार वार्ता बुलाई। उन्होंने एलान किया कि इस तानाशाही के खिलाफ बुधवार को कांग्रेस के सभी विधायक निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करेंगे। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों पर भी उपवास रखा जाएगा।

जीतू पटवारी ने साफ कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने सरकार और सत्ताधारी दल के भारी दबाव में आकर यह एकतरफा फैसला लिया है। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि जब मुकाबला करने का साहस नहीं होता, तब ऐसे हथकंडे अपनाए जाते हैं।

सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का गुस्सा

इस फैसले के विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले फूंकने की कोशिश की। मंदसौर के शामगढ़ इलाके में भी इस कार्रवाई के खिलाफ भारी जन-आक्रोश देखा गया।

राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नामांकन रद्द होना नहीं, बल्कि प्रजातंत्र की सरेआम हत्या है। हालांकि, इस पूरी पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की रहस्यमयी चुप्पी ने सबको चौंका दिया।

Author: Ajay Mishra

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories