जांच एजेंसियों के चक्रव्यूह में घिरे अभिषेक बनर्जी! 11 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद दिल्ली तक मंचा हड़कंप

Kolkata News: शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से 11 घंटे तक बेहद लंबी पूछताछ की। इस मैराथन पूछताछ के बाद बाहर निकलते ही अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।

अभिषेक बनर्जी ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्ष की आवाज को पूरी तरह दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के हक और हितों के लिए लड़ने वाले लोग किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।

टीएमसी नेता ने मीडिया को बताया कि वह पहले भी कई बार केंद्रीय जांच एजेंसियों के सामने पेश हो चुके हैं। उन्हें दो बार दिल्ली भी बुलाया गया था और अब तक वह लगभग 10 से 12 बार केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ का सामना कर चुके हैं।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा जांच में पूरा सहयोग किया है और अधिकारियों द्वारा पूछे गए हर सवाल का बहुत ही स्पष्टता से जवाब दिया है। इसके बावजूद पिछले एक महीने से विपक्षी ताकतों को लगातार डराने और कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

बंगाल को विपक्ष-मुक्त बनाने की रची जा रही बड़ी साजिश

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल को पूरी तरह से विपक्ष-मुक्त बनाने के लिए यह पूरा खेल खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न बहानों से योग्य मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं जो बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान विपक्षी मतगणना एजेंटों पर भारी दबाव बनाकर उन्हें मतगणना केंद्रों से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इसके साथ ही चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा को भी पूरे देश की जनता ने अपनी आंखों से देखा है।

अभिषेक ने कहा कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए दिल्ली से बड़ी साजिशें, दल-बदल और सांसदों-विधायकों को तोड़ने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि सत्ता पक्ष के ये सभी प्रयास पूरी तरह विफल साबित होंगे।

चार साल बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी केंद्रीय एजेंसियां

अभिषेक बनर्जी ने बताया कि जिस शिक्षक भर्ती मामले में उन्हें आज तलब किया गया है, उसकी प्राथमिकी करीब चार वर्ष पहले ही दर्ज हो चुकी थी। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जून 2022 में इस मामले की जांच औपचारिक रूप से शुरू की थी।

जुलाई 2022 में इस बड़े मामले में कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां भी की गई थीं, लेकिन आज तक यह पूरी जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने लंबे समय बाद भी जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं।

शिक्षक भर्ती मामले का जिक्र करते हुए अभिषेक ने कहा कि उनकी हमेशा से यही इच्छा रही है कि यह भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो। राज्य के योग्य और मेधावी उम्मीदवारों को उनका असली अधिकार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से मिलना चाहिए।

Author: Sourav Banerjee

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