Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश बिजली पारेषण निगम लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के पूर्व मुख्य अभियंता विमल नेगी की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव संजीव कटवाल ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग शनिवार को मीडियाकर्मियों के सामने उठाई है।
सीबीआई ने उजागर किए सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर के बड़े आरोप
संजीव कटवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में कई गंभीर खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी ने सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने, फर्जी पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने और तय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं। बीजेपी नेता के अनुसार, ये खुलासे सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।
बीजेपी ने इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। कटवाल ने कहा कि नेगी का मामला केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है। यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन से जुड़ा हुआ है। विपक्षी पार्टी ने सरकार पर इस मामले को पूरी तरह दबाने का आरोप लगाया है।
लापता होने के आठ दिन बाद बिलासपुर में मिला था शव
मुख्य अभियंता विमल नेगी पिछले साल 10 मार्च, 2025 को अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद 18 मार्च को बिलासपुर में उनका शव बेहद रहस्यमयी परिस्थितियों में बरामद हुआ था। मृतक अधिकारी की पत्नी ने तब आरोप लगाया था कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उनके पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
कटवाल ने कहा कि अगर किसी परियोजना की वास्तविक जमीनी स्थिति और आधिकारिक फाइलों में बड़ा अंतर था, तो प्रमाणपत्र कैसे जारी हुए? उन्होंने सवाल उठाया कि आपत्ति दर्ज कराने वाले अधिकारियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर क्यों किया गया? इन सभी गतिविधियों के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब करना बेहद जरूरी हो गया है।
भाजपा नेता ने मांग की कि कांग्रेस सरकार को जनता को बताना चाहिए कि इतने गंभीर आरोपों के बाद भी समय पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया। अगर किसी ईमानदार अधिकारी को दबाव में काम करने के लिए मजबूर किया गया, तो यह सिस्टम की सबसे बड़ी नाकामी है। इस व्यवस्था संबंधी विफलता को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Author: Sunita Gupta


