क्या हिमाचल में पेट्रोल भरवाना रुलाएगा? ‘अनाथ’ और ‘विधवा’ के नाम पर सरकार का यह कैसा दांव, विपक्ष ने किया वॉकआउट

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के लोगों को जल्द ही महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है। विधानसभा में भारी हंगामे के बीच वैट संशोधन विधेयक पास हो गया है। अब राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर तक सेस लगा सकेगी। सरकार का कहना है कि यह पैसा अनाथ बच्चों और विधवाओं पर खर्च होगा। लेकिन विपक्ष इसे आम जनता की जेब पर सीधा डाका बता रहा है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को यह अहम विधेयक पेश किया था। सोमवार को विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। भाजपा विधायकों ने इस बिल के खिलाफ सदन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने विरोध जताते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।

विपक्षी दल भाजपा को विधेयक में इस्तेमाल शब्दों पर सख्त आपत्ति है। उन्होंने ‘विधवा’ और ‘अनाथ’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल का कड़ा विरोध किया। उनका आरोप है कि सरकार इन संवेदनशील शब्दों की आड़ में अपना खजाना भरना चाहती है। विपक्ष का तर्क है कि इस सेस से हर आम आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार पड़ेगी।

पड़ोसी राज्यों से महंगा होगा तेल?

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पेट्रोल पर 17.50 रुपये वैट पहले से लागू है। डीजल पर भी सरकार 13.09 रुपये प्रति लीटर वैट वसूल रही है। अगर पांच रुपये सेस और लगा तो पेट्रोल 100 रुपये के पार जा सकता है।

विपक्ष का दावा है कि तेल महंगा होने से लोग पंजाब या हरियाणा की तरफ रुख करेंगे। बाहरी वाहन चालक भी सीमावर्ती राज्यों से ही ईंधन भरवाकर हिमाचल आएंगे। इससे राज्य के पेट्रोल पंप मालिकों का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। बिलासपुर जैसी बड़ी यूनियनों के ट्रक ऑपरेटरों पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सुक्खू सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हमारी भाजपा सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर पांच रुपये वैट कम किया था। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही दो बार वैट बढ़ा दिया है। उन्होंने भी विधेयक के नाम और इसके तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए।

अंतर्राष्ट्रीय युद्ध और केंद्र सरकार पर वार

भाजपा ने ईरान-इजरायल युद्ध का हवाला देते हुए तेल के दाम बढ़ने की आशंका जताई। उन्होंने मांग की कि इस संभावित संकट के समय सरकार को यह विधेयक तुरंत वापस लेना चाहिए। विधायकों ने कहा कि ढुलाई महंगी होने से सीमेंट और अन्य जरूरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी।

इन सब तीखे आरोपों का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर महिला और अनाथ विरोधी करार दिया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को सिर्फ राजनीति करना आता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार व्यवस्था परिवर्तन के लिए काम कर रही है।

सुक्खू ने विपक्ष को सलाह दी कि वे प्रधानमंत्री मोदी से जाकर बात करें। केंद्र सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगा 27 रुपये का सेस खत्म करना चाहिए। हालांकि मुख्यमंत्री ने सदन को एक बड़ा भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि सेस लगने के बाद भी तेल की कीमतें पड़ोसी राज्यों से कम ही रखी जाएंगी।

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