हिमाचल में सुक्खू सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! चिट्टे के केस में आया नाम तो भी नहीं लड़ पायेंगे पंचायत चुनाव

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के जाल को काटने के लिए सुक्खू सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के दागदार लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने इस बड़े फैसले पर अपनी पक्की मुहर लगा दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य और गैस वितरण को लेकर भी कई अहम फैसले लिए हैं।

नशे के सौदागरों के लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर हो चुकी है, वे चुनाव से पूरी तरह बाहर रहेंगे। भले ही उन्हें अभी तक अदालत से दोषी करार न दिया गया हो। हालांकि, यह सख्त पाबंदी सिर्फ चिट्टे के मामलों पर ही लागू होगी।

मादक पदार्थ निषेध अधिनियम के तहत अन्य मामलों के आरोपियों को फिलहाल इस नियम से बाहर रखा गया है। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इस तरह की व्यवस्था पहली बार लागू हो रही है। पंचायत चुनाव से ठीक पहले लिया गया यह फैसला जमीनी राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख देगा।

विधानसभा में पेश होगा नया बिल, 31 मई से पहले होंगे चुनाव

सरकार अगले एक-दो दिन के भीतर ही विधानसभा में पंचायती राज संशोधन विधेयक-2026 पेश करने जा रही है। इस नए ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। विधानसभा से पास होने के बाद इसे सीधा राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। नए कानून के अस्तित्व में आते ही इसे पंचायत चुनाव में लागू कर दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि 31 मई से पहले प्रदेश में हर हाल में पंचायत चुनाव करवाए जाएं। चुनाव आयोग भी अपनी तैयारियों में मुस्तैदी से जुटा हुआ है। परिसीमन, मतदाता सूची और आरक्षण रोस्टर तैयार करने का काम जोरों पर है। 30 मार्च तक आरक्षण रोस्टर का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैबिनेट बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए नई पेट स्कैन मशीन खरीदने की मंजूरी दे दी गई है। आईजीएमसी शिमला, मंडी के नेरचौक और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में नए बायोफिजिक्स विभाग बनाए जाएंगे। इससे मरीजों को भारी राहत मिलेगी।

सीबीएसई स्कूलों का बनेगा अलग कैडर, घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस

शिक्षा के क्षेत्र में भी अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूलों का अब एक बिल्कुल अलग कैडर होगा। पहले ऐसे 134 स्कूल तय किए गए थे। अब सरकार ने इन स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 151 कर दी है। इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

हिमाचल के लोगों को अब रसोई गैस के सिलेंडरों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को तेजी से मजबूत कर रही है। पाइप से गैस पहुंचाने के काम को प्राथमिकता दी जाएगी। अभी यह आधुनिक सुविधा ऊना और सोलन के बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र में ही दी जा रही है।

इसके साथ ही कैबिनेट ने नाहन मेडिकल कॉलेज की सब-कमेटी को भी अपनी हरी झंडी दे दी है। वहीं, शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे छह विद्या उपासकों को जेबीटी (JBT) बनाने का अहम फैसला भी लिया गया है। मेडिकल कॉलेजों में इंटर कॉलेज बनाने को भी मंजूरी मिल गई है।

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