Pratapgarh News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव का सीधा असर अब भारतीय आम उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। खाने-पीने की चीजें, मोबाइल और लैपटॉप के बाद अब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है। कार, बाइक और स्कूटी रखने वाले मध्यमवर्ग का बजट इस संकट से पूरी तरह बिगड़ गया है।
कच्चे माल और मालभाड़े में बढ़ोतरी से खुदरा बाजार में भारी उछाल
स्थानीय खुदरा बाजारों में वाहनों के कलपुर्जे और सर्विसिंग से जुड़े जरूरी सामानों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। पूरे नरसिंहभान, सियाराम कॉलोनी मोड़, जोगापुर, बाबागंज और बलीपुर स्थित प्रमुख मार्केट्स में ऑटो पार्ट्स के दाम पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। इससे वाहन मालिकों को भारी आर्थिक दिक्कतें हो रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार बाजार में मोबिल ऑयल, पिस्टन, ब्रेक वायर, क्लच वायर, ब्रेक-शू और स्पार्क प्लग की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। ऑटोमोबाइल पार्ट्स के खुदरा बाजार में अब तक आठ से दस प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा चुकी है। कच्चा माल और वैश्विक परिवहन लागत बढ़ने से यह समस्या पैदा हुई है।
ऑटो पार्ट्स के दाम आसमान पर, ग्राहकों की जेब हुई ढीली
बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पहले 370 रुपये में मिलने वाला मोबिल ऑयल अब बढ़कर 410 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह स्पार्क प्लग 95 रुपये से बढ़कर 115 रुपये, ब्रेक-शू 230 से बढ़कर 280 रुपये और हेडलाइट बल्ब 90 रुपये की जगह अब 165 रुपये का हो गया है।
भंगवा चुंगी पर वाहन की मरम्मत कराने आए पल्टन बाजार के अमर बहादुर ने बताया कि हेडलाइट जो पहले 490 रुपये में मिलती थी, अब उसके लिए 530 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। ऑटो गैरेज संचालक आजाद के मुताबिक पश्चिम एशिया संकट से कलपुर्जे जरूर महंगे हुए हैं, लेकिन राहत की बात है कि लेबर चार्ज नहीं बढ़ाया गया है।
Author: Rajesh Kumar


