सरकारी स्कूली बच्चों की हुई मौज! सुक्खू सरकार का ‘हिमकार्ड’ पर बड़ा दांव, विधानसभा में क्यों गूंजा ’15 लाख’ का मुद्दा?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। राज्य सरकार इन छात्रों को ‘हिमकार्ड’ के जरिए बस किराए में विशेष छूट देने की तैयारी कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह अहम खुलासा किया। इसके साथ ही सदन में महिलाओं के मुफ्त सफर और ’15 लाख’ के वादे पर तीखी बहस भी देखने को मिली।

सरकार महिलाओं को बस किराए में पचास फीसदी की भारी छूट दे रही है। इस योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए महिलाओं के पास हिमकार्ड होना बहुत जरूरी है। अभी तक पूरे प्रदेश में करीब दो लाख से ज्यादा हिमकार्ड बनाए जा चुके हैं।

कई बार बाहरी राज्यों के लोग भी हिमाचल की बसों में मुफ्त सफर का फायदा उठा लेते हैं। हिमकार्ड बनने से इस फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। इससे यह साफ पता चल जाएगा कि किस यात्री ने कितनी बार सरकारी बस में सफर किया है।

पारदर्शी होगी व्यवस्था, 15 लाख के वादे पर कसा तंज

यात्रियों के सटीक डेटा के आधार पर ही परिवहन निगम सरकार को अपना बिल भेजेगा। इससे पूरी व्यवस्था पहले से काफी ज्यादा पारदर्शी बन जाएगी। सरकार कई तरह की सब्सिडी देती है और हिमकार्ड से यह मदद सीधे असली हकदार तक पहुंचेगी।

हिमकार्ड बनाने की अंतिम तारीख बढ़ाने पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। परिवहन निगम के निदेशक मंडल की अगली बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस कार्ड से सरकार को निगम की आर्थिक जरूरतों को समझने में भी काफी आसानी होगी।

सदन में विधायक सुधीर शर्मा ने महिलाओं को हर महीने पंद्रह सौ रुपये देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि योजना लागू होने तक क्या आधार कार्ड पर महिलाओं को मुफ्त सफर मिलेगा। इस पर उपमुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि देश में सबको पंद्रह-पंद्रह लाख देने का वादा हुआ था, क्या वह पैसा सबको मिल गया?

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