शिमला पंचायत चुनाव पर सबसे बड़ा अपडेट, 25 वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी, आधी सीटों पर महिलाओं का कब्जा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर बहुत बड़ी खबर सामने आई है। शिमला जिले में पंचायत चुनाव की राजनीतिक सुगबुगाहट अब काफी तेज हो गई है। प्रशासन ने सोमवार को लंबे इंतजार और विचार-विमर्श के बाद जिला परिषद वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। इसके साथ ही जिले में चुनावी सरगर्मियां एकदम तेज हो गई हैं। उम्मीदवार अब अपनी जीत के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा।

पच्चीस वार्डों में आरक्षण की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट

शिमला जिले में कुल पच्चीस जिला परिषद वार्ड मौजूद हैं। प्रशासन ने इन सभी वार्डों में आरक्षण का बहुत स्पष्ट बंटवारा कर दिया है। चुनाव आयोग ने नियमों का पालन करते हुए यह अहम सूची तैयार की है। रोस्टर जारी होने से उन नेताओं को झटका लगा है जिनके वार्ड अब आरक्षित हो गए हैं। नए चेहरों को राजनीति में आगे आने का शानदार मौका मिलेगा। राजनीतिक दल भी अब नए सिरे से अपनी मजबूत चुनावी रणनीति बनाने में पूरी तरह से जुट गए हैं।

नौ वार्ड अनारक्षित और महिलाओं के लिए नौ सीटें

प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार कुल नौ वार्डों को पूरी तरह अनारक्षित रखा गया है। यह वार्ड सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए खुले रहेंगे। यहाँ किसी भी वर्ग का व्यक्ति अपना चुनाव लड़ सकता है। इसके अलावा नौ अन्य वार्ड सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। सरकार के इस अहम फैसले से पंचायत चुनाव में महिला भागीदारी को बहुत बढ़ावा मिलेगा। अब स्थानीय महिलाओं को ग्रामीण सत्ता चलाने का सीधा और बहुत बड़ा अवसर प्राप्त होगा।

अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सुरक्षित वार्ड

प्रशासन ने अनुसूचित जाति के लिए स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। जिले के त्यावल ज्यूरी और झाकड़ी वार्ड को अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है। इसके साथ ही भलूण और बल्देयां वार्ड भी इसी श्रेणी के लिए आरक्षित रहेंगे। इन सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अब दलित महिलाओं का दबदबा काफी देखने को मिलेगा। प्रशासन ने सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुसार उनका संवैधानिक अधिकार देने का पूरा प्रयास बहुत ईमानदारी से किया है।

अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए तय हुए वार्ड

महिलाओं के अलावा अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए भी वार्ड तय किए गए हैं। चमियाणा और टिक्कर जिला परिषद वार्ड अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित हुए हैं। इसके अतिरिक्त नरैण जिला परिषद वार्ड भी इसी आरक्षित खाते में गया है। इन वार्डों से अब इस वर्ग के युवा नेता अपना राजनीतिक भविष्य पूरी ताकत से आजमाएंगे। चुनाव आयोग ने आरक्षण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का ध्यान रखा है ताकि किसी के साथ राजनीतिक भेदभाव बिलकुल न हो।

महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए विशेष क्षेत्र

जिला परिषद के कई वार्ड महिला वर्ग के लिए पूरी तरह आरक्षित किए गए हैं। इनमें बगलती, सीमा रंटाडी, बढ़ाल और घोड़ना वार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही क्यार, हलोग धामी और खटनोल वार्ड में भी सिर्फ महिलाएं चुनाव लड़ेंगी। कुमारसैन और भुट्टी को भी महिला वर्ग के लिए सुरक्षित किया गया है। इन वार्डों में अब चुनाव प्रचार का शोर तेजी से बढ़ेगा। सभी पार्टियां अपनी मजबूत महिला उम्मीदवारों की तलाश में पूरी तरह से जुट गई हैं।

ओपन और अनारक्षित वार्डों में होगा कड़ा मुकाबला

आरक्षण सूची जारी होने के बाद कुछ वार्डों को अनारक्षित रखा गया है। प्रशासन ने क्वार, खशधार, सरस्वती नगर और कलभोग को ओपन रखा है। इसी तरह चठौली, चंदलोग नेरूवा, गोरटी मड़वाग, टियाली और बढ़ई वार्ड भी अनारक्षित हैं। इन ओपन वार्डों में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। दिग्गज नेताओं ने अपना पूरा दमखम दिखाना शुरू कर दिया है। मतदाता अपने क्षेत्र के तेज विकास के लिए सबसे योग्य और कर्मठ उम्मीदवार का चुनाव करना चाहते हैं।

प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी और चुनाव की तैयारियां हुईं तेज

प्रशासन की ओर से इस आरक्षण रोस्टर को लेकर काफी समय से प्रक्रिया चल रही थी। विभिन्न स्तरों पर भारी मंथन के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया है। अब रोस्टर जारी होने के साथ ही जिला परिषद चुनावों की सारी तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारी हर गांव की मतदाता सूची को बहुत बारीकी से अपडेट कर रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग मतदान केंद्रों पर सभी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह मजबूत करने में लगा हुआ है।

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