बैंक खातों में एक से ज्यादा नॉमिनी होने से फंसा क्लेम, अब नया नियम बनाने के लिए आरबीआई की चौखट पर पहुंचे देश के सभी बैंक

Mumbai News: बैंक खातों और लॉकर में एक से ज्यादा नॉमिनी होने की वजह से क्लेम सेटलमेंट में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अब कमर्शियल बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक से गुहार लगाई है। बैंकों ने इसके लिए नए और बेहद सख्त नियम बनाने की मांग की है।

एक से अधिक नॉमिनी होने पर पैसा चुकाने में आ रही भारी कानूनी परेशानी

बैंक अधिकारियों के अनुसार मौजूदा नियमों के तहत एक खाते या लॉकर में अधिकतम चार नॉमिनी हो सकते हैं। जब ये अलग-अलग समय पर पैसे का दावा करते हैं, तब बैंकों की मुश्किलें काफी बढ़ जाती हैं। कई बार आपसी विवाद के कारण यह पूरा मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है।

विभिन्न अदालतों के विरोधाभासी फैसलों की वजह से देश के सभी बैंकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बैंक अधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे को अनौपचारिक रूप से केंद्रीय बैंक के सामने रख दिया है। वे जल्द ही नई गाइडलाइंस के लिए आरबीआई को आधिकारिक प्रस्ताव भी भेजेंगे।

जानिए नॉमिनी और असली कानूनी वारिस के अधिकारों पर कोर्ट का अंतिम फैसला

अदालतों ने स्पष्ट किया है कि नॉमिनी सिर्फ रकम का संरक्षक होता है। संपत्ति पर असली अधिकार हमेशा कानूनी वारिस का ही माना जाएगा। ओडिशा हाई कोर्ट ने भी हाल ही में व्यवस्था दी कि हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत पति की जमा पूंजी पर पहला हक सिर्फ पत्नी का ही बनता है।

चाहे बैंक खाते में किसी दूसरे व्यक्ति को ही नॉमिनी क्यों न बनाया गया हो, कानूनी अधिकार नहीं बदलेंगे। बैंकिंग सेक्टर का मानना है कि इस पूरे विवाद पर आरबीआई की तरफ से स्पष्ट दिशा-निर्देश आने पर ही ग्राहकों और बैंकों को इस झंझट से मुक्ति मिल पाएगी।

Author: Rajesh Kumar

Hot this week

Related Articles

Popular Categories