Prayagraj News: हंडिया कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवा कंप्यूटर शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में मृतक के दो सगे बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। कार के सामने अचानक एक कुत्ता आ जाने से यह भयानक हादसा हुआ।
सरायममरेज थाना क्षेत्र के दयालापुर गांव निवासी 22 वर्षीय अवनीश प्रताप सिंह अपने बड़े भाई शनि सिंह और विक्रम सिंह के साथ कार से प्रयागराज गए थे। परिवार में दादी का तेरहवीं कार्यक्रम संपन्न होने के बाद तीनों भाई देर रात रिश्तेदारों को स्टेशन छोड़कर वापस घर लौट रहे थे।
कुत्ते को बचाने के चक्कर में उड़े कार के परखच्चे
भोर में करीब तीन बजे जैसे ही उनकी कार हंडिया कस्बे के पिलर नंबर नौ के पास पहुंची, तभी अचानक एक कुत्ता सामने आ गया। तेज रफ्तार वाहन के चालक ने कुत्ते को बचाने का प्रयास किया। इस चक्कर में गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार सबसे छोटे भाई अवनीश प्रताप सिंह की दो बड़े भाइयों के सामने ही तड़पकर मौके पर मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल विक्रम और शनि सिंह खून से लथपथ होकर मदद के लिए चिल्लाने लगे।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण और पुलिस टीम
हादसे के बाद मची चीख-पुकार और तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद घायलों और शव को क्षतिग्रस्त गाड़ी से बाहर निकाला।
पुलिस ने मृतक अवनीश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों घायल भाइयों को इलाज के लिए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उपरदहा में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम दोनों का सघन इलाज कर रही है।
कंप्यूटर सेंटर चलाकर बच्चों को देते थे मुफ्त शिक्षा
मृतक अवनीश प्रताप सिंह हंडिया कस्बे में अपना एक कंप्यूटर सेंटर चलाते थे। वह क्षेत्र के गरीब बच्चों को कंप्यूटर की अच्छी शिक्षा देते थे। वह अभी अविवाहित थे। उनके पिता दलजीत सिंह गांव में ही खेती-किसानी करके अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
इस होनहार बेटे की अचानक मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और शोक का माहौल बना हुआ है। भारी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण पीड़ित माता-पिता को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।
Author: Ajay Mishra


