Politics News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच रविवार को बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक बातचीत हुई। इस द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को अब भारत में ही बनाने समेत कई अन्य रणनीतिक मुद्दों पर सहमति बनी है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में कुल तेरह बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। इनमें मुख्य रूप से इनोवेशन रोडमैप, अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार को दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य और एक मजबूत एआई ढांचा तैयार करना शामिल है। दोनों देशों ने सुरक्षा समझौतों को भी अंतिम रूप दिया।
‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में बनेंगे राफेल
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने फ्रांसीसी रक्षा कंपनी दासौ एविएशन से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की भारत की योजना पर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस चर्चा की मुख्य थीम यह थी कि अब रक्षा प्लेटफॉर्म्स के मामले में स्थानीय स्तर पर निर्माण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी देश में रक्षा परियोजनाओं के संयुक्त विकास और उत्पादन पर लगातार जोर दे रहे हैं। इस नई बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान परियोजना के तहत दासौ एविएशन शुरुआती अठारह राफेल विमान पूरी तरह तैयार स्थिति में देगा। इसके बाद बाकी सभी विमानों का निर्माण पचास प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ भारत में ही किया जाएगा।
पेरिस एयरपोर्ट पर चलेगा भारत का यूपीआई
इस महाडील के तहत आगामी कुछ हफ्तों में भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (UPI) पेरिस के चार्ल्स डी गाल एयरपोर्ट और नीस एयरपोर्ट पर उपलब्ध हो जाएगा। इससे यूरोप में भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत मजबूत होगा और वहां रहने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान समय में दोनों देशों के बीच लगभग 16 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इस व्यापारिक लक्ष्य को तेजी से पूरा करने के लिए एक विशेष उच्चस्तरीय तंत्र बनाने की घोषणा भी की गई है।
एआई और अंतरिक्ष अनुसंधान में बढ़ा सहयोग
दोनों देशों ने कानपुर में एयरोनॉटिक्स सेक्टर के विकास के लिए ‘नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की घोषणा की है। वहीं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इसरो और फ्रांस की सीएनईएस मिलकर माइक्रोग्रैविटी रिसर्च व मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में आपसी सहयोग को बहुत आगे बढ़ाएंगे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए भी आमंत्रित किया है। दोनों शीर्ष नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन संकट समेत कई अन्य वैश्विक महत्व के ज्वलंत मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
Author: Harikarishan Sharma


