कॉकरोच जनता पार्टी के उभार पर पवन कल्याण का बड़ा बयान, युवाओं के गुस्से को लेकर पारंपरिक राजनीति को दी कड़ी चेतावनी

Andhra Pradesh News: राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा के बीच उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बड़ा बयान दिया है। जन सेना पार्टी प्रमुख ने इस नए युवा आंदोलन को अचानक पैदा हुई घटना मानने से पूरी तरह इनकार किया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि हर पीढ़ी समाज को नया नजरिया देती है।

हर दौर में नई सोच के साथ आती है युवाओं की पीढ़ी

पवन कल्याण के मुताबिक आज के युवाओं की सोच, उम्मीदें और तीखे सवाल बिल्कुल अलग हैं। उनकी आवाज को केवल विरोध न मानकर बड़े बदलाव की मांग के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर पनप रहे इस भारी गुस्से का असली कारण तलाशना आज की पारंपरिक राजनीति के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।

उपमुख्यमंत्री ने Gen Z का जिक्र करते हुए कहा कि 1920 के दशक से लेकर आज तक हर पीढ़ी ने राजनीति को प्रभावित किया है। उन्होंने माना कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे सोशल मीडिया मंचों का उभरना कोई मामूली बात नहीं है। यह असल में पुरानी व्यवस्था के खिलाफ युवाओं की गहरी नाराजगी और असंतोष को दिखाता है।

सीजेआई की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ यह अनूठा आंदोलन

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के तौर पर हुई थी। यह मंच तब अचानक चर्चा में आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने युवाओं के लिए एक टिप्पणी की थी। इसके बाद इंटरनेट पर इस नाम को लेकर एक बड़ा प्रोटेस्ट कैंपेन शुरू हो गया था।

पवन कल्याण ने इस मुद्दे को गहराई से समझने के लिए अपने बेटे से भी खास चर्चा की। उनके बेटे ने बताया कि उसके करीब 20 दोस्तों के ग्रुप में से तीन लोग इस डिजिटल मंच को सब्सक्राइब कर चुके हैं। पवन कल्याण ने कहा कि यह संख्या भले छोटी हो, लेकिन असहमति दर्ज कराने का यह नया संकेत है।

युवाओं को अब पसंद नहीं टकराव और क्षेत्रीय पक्षपात की राजनीति

डिप्टी सीएम ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर समर्थक खुलकर सड़कों पर सामने आए। बहुत से युवा डिजिटल माध्यमों से अपनी असहमति दिखा रहे हैं। आज कॉकरोच जनता पार्टी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन कर रही है। युवा अब क्षेत्रीय पक्षपात, टकराव और नकारात्मक राजनीतिक संस्कृति से पूरी तरह ऊब चुके हैं।

पवन कल्याण के अनुसार देश का युवा वर्ग अब ऐसे नेताओं को देखना चाहता है जो समझदारी और सार के साथ बात करें। इसी बीच सीबीएसई ओएसएम पोर्टल की बड़ी कमी ढूंढने वाले यंग रिसर्चर निसर्ग अधिकारी को आईआईटी कानपुर ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। यह दिखाता है कि युवाओं की काबिलियत को अब बड़े मंच मिल रहे हैं।

Author: Rahul Sharma

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