India News: केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने महिला आरक्षण कानून और परिसीमन विधेयक में संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है। सोलह अप्रैल को इन दोनों विधेयकों को सीधे संसद में पेश किया जाएगा। इसके पारित होते ही साल 2029 से संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई महिला आरक्षण लागू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस महत्वपूर्ण कदम से देश की चुनावी राजनीति पर बहुत गहरा और व्यापक असर पड़ेगा।
लोकसभा में तेजी से बढ़ेंगी सीटें
इस नए संशोधन के बाद भारतीय संसद का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा। लोकसभा में कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़कर सीधे 816 हो जाएगी। बड़ी बात यह है कि इनमें से 273 सीटें केवल महिलाओं के लिए आरक्षित रखी जाएंगी। सरकार यह पूरा परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर ही करने जा रही है। परिसीमन में छोटे राज्यों को छोड़कर बाकी सभी जगह लोकसभा सीटों में पचास प्रतिशत का भारी इजाफा देखने को मिलेगा।
विपक्षी दलों को सता रहा बड़ा डर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई अलग-अलग मंचों से इस अहम मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने विपक्ष के उन दावों को खारिज कर दिया है कि दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा। दूसरी तरफ चुनाव के बीच इन विधेयकों के आने से विपक्ष काफी डरा हुआ है। विपक्षी नेताओं को लगता है कि इसका सीधा राजनीतिक फायदा सत्ताधारी दल को चुनाव में मिल सकता है। इसलिए वे चुनाव बाद विशेष बैठक की मांग कर रहे थे।
बजट सत्र को लेकर सरकार की रणनीति
सरकार ने इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए एक खास रणनीति बनाई है। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार दो अप्रैल को ही बजट सत्र का सत्रावसान किया जाना था। लेकिन केंद्र सरकार ने सत्र को खत्म करने के बजाय सिर्फ स्थगित कर दिया था। सरकार का मुख्य मकसद इन संशोधन विधेयकों को संसद में पेश करना था। अब सोलह से अठारह अप्रैल के बीच तीन दिन विशेष सत्र चलाकर इन्हें पारित कराने की पूरी उम्मीद है।


