पीपीपी पोर्टल की भयंकर लापरवाही ने उजाड़ा रोती महिला का सुहाग, समाधान शिविर में अधिकारियों के सामने खुली सरकारी सिस्टम की पोल

Haryana News: फरीदाबाद के लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में सरकारी सिस्टम की भयंकर खामियां सामने आई हैं। यहां एक बेबस विधवा महिला पिछले कई महीनों से अपने मृत पति का नाम परिवार पहचान पत्र से कटवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है। सिस्टम की इस बड़ी लापरवाही के कारण उसकी विधवा पेंशन नहीं बन पा रही है।

डबुआ कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता गीता देवी ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई। कैंसर के कारण उनके पति राजकुमार की मौत मार्च में हो गई थी। पति के इलाज में उनका मकान तक बिक गया। अब पति का नाम पोर्टल से न हटने के कारण वे बेहद आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं।

समाधान शिविर की पड़ताल के दौरान प्रशासनिक सिस्टम की कई गंभीर खामियां खुलकर उजागर हुईं। इससे पिछले सोमवार को भी एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जब मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया, तब जाकर प्रशासन ने उस गलती को सुधारा था।

परिवार पहचान पत्र की गलतियों से जनता बेहद परेशान

समाधान शिविर में पहुंचे एक अन्य पीड़ित विजयपाल ने बताया कि बिजली विभाग ने उनके नाम पर छह मीटर दर्ज कर दिए हैं। इस गड़बड़ी की वजह से परिवार पहचान पत्र में उनकी वार्षिक आय अचानक बढ़ गई। नतीजतन, उनका सरकारी राशन कार्ड कट गया और वे पिछले सात महीनों से विभिन्न दफ्तरों के धक्के खा रहे हैं।

इसी तरह हरकेश नगर के सुधन लाल बिश्नोई भी पिछले ग्यारह महीनों से परेशान हैं। जुलाई में उनके बेटे की मौत हो गई थी, लेकिन पोर्टल पर उनकी आय तीन लाख रुपये दर्ज है। अब उनकी बहू सुमित्रा के पास आय का कोई जरिया नहीं है और वे परिवार पहचान पत्र में आय कम कराने के लिए भटक रहे हैं।

लोन के नाम पर बैंक अधिकारियों की बड़ी जालसाजी

बसेलवा कॉलोनी के नरेंद्र शर्मा ने बैंक प्रतिनिधियों पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। उनकी पत्नी बबीता ने सिलाई इकाई शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लोन आवेदन किया था। बैंक कर्मचारियों ने उनके कागजों पर धोखे से हस्ताक्षर कराकर बबीता के नाम एक फर्जी गारमेंट दुकान दर्ज दिखा दी।

नरेंद्र ने बताया कि शिकायत के बाद दिसंबर में जिला उपायुक्त ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। वे भी इस न्याय की गुहार लेकर समाधान शिविर के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

अतिरिक्त जिला उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि शिविरों को बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। शिविर में सबसे ज्यादा शिकायतें पीपीपी में गलत आय और नए सदस्य जोड़ने से जुड़ी आ रही हैं। इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के आदेश जारी किए गए हैं।

Author: Sandeep Hooda

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