Ahmedabad News: दिवालिया जेपी एसोसिएट्स को खरीदने वाले अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी ने बाजार में एक बार फिर बड़ा दांव चला है। अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में इस बड़े सौदे का एलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार अदाणी एंटरप्राइजेज की जॉइंट वेंचर कंपनी अदाणीकॉनेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने मधुवंती बिल्ड एस्टेट लिमिटेड (एमबीईएल) की 100% इक्विटी हिस्सेदारी का पूरी तरह से अधिग्रहण कर लिया है।
गौतम अदाणी की अगुवाई वाला ग्रुप लगातार नई कंपनियों को खरीदकर अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को मजबूत बना रहा है। स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई और एनएसई) को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक यह बड़ा कॉर्पोरेट अधिग्रहण 765.25 करोड़ रुपये के भारी-भरकम नकद प्रतिफल (कैश कंसीडरेशन) के आधार पर हुआ है।
प्रमोटर ग्रुप की कंपनी से आर्म्स लेंथ आधार पर हुआ सौदा
कंपनी ने बताया कि यह पूरा सौदा पूरी तरह निष्पक्ष यानी ‘आर्म्स लेंथ’ आधार पर पूरा किया गया है। मधुवंती बिल्ड एस्टेट लिमिटेड को अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड से खरीदा गया है। इस टारगेट एंटिटी को पहले कंपनी के प्रमोटर ग्रुप द्वारा सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित किया जाता था।
मधुवंती बिल्ड एस्टेट लिमिटेड मुख्य रूप से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्यों से जुड़ी कंपनी है। हालांकि इस टारगेट कंपनी ने अभी तक अपना व्यावसायिक परिचालन (कमर्शियल ऑपरेशंस) शुरू नहीं किया है। यही वजह है कि इसका मौजूदा वित्तीय टर्नओवर फिलहाल शून्य दर्ज है।
लेकिन इस बिजनेस सौदे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एमबीईएल के पास एक बड़ा लैंड पार्सल (जमीन का बड़ा हिस्सा) मौजूद है। इसके अलावा कंपनी के पास इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियां शुरू करने के लिए सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण सरकारी लाइसेंस पहले से ही उपलब्ध हैं।
लैंड बैंक पर पूरा कंट्रोल मिलने से प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार
अदाणीकॉनेक्स के लिए यह रणनीतिक अधिग्रहण एक बेहतरीन ‘हेड स्टार्ट’ की तरह काम करेगा। इससे ग्रुप को अपने आगामी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बहुत तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस टारगेट कंपनी का पंजीकरण 11 नवंबर, 2019 को अहमदाबाद (गुजरात) में हुआ था।
इस कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी और चुकता शेयर पूंजी केवल 10,000 रुपये है। इस बड़े अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य भविष्य में नई अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित करना है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया सेबी (सेबी) के कड़े नियमों के तहत की गई है।
इस सौदे के लिए किसी भी नई सरकारी या नियामक मंजूरी की आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि जरूरी वैधानिक प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी। 100% मालिकाना हक हासिल करके अदाणी ग्रुप ने माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स से जुड़ी सभी संभावित कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
Author: Rajesh Kumar


