Himachal News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश ने देश सेवा में अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। जिला कांगड़ा की पंचायत नौरा (मतेहड़) के रहने वाले लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता का निधन हो गया है। वह भारतीय सेना की 19 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। अंडमान-निकोबार में अपनी ड्यूटी के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ा। इसी साल अक्टूबर में वह सेना से रिटायर होने वाले थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
ड्यूटी के दौरान अचानक उठा सीने में दर्द
गुरूवार देर रात अनुपम मेहता अपनी ड्यूटी कर रहे थे। अचानक उनके सीने में बहुत तेज दर्द महसूस हुआ। साथी जवानों ने उन्हें तुरंत पास के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। यह खबर सुनकर परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव मतेहड़ में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे
रविवार सुबह शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव मतेहड़ लाई गई। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को देखकर हर कोई रो पड़ा। पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘अनुपम मेहता अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। हर ग्रामीण अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन करना चाहता था। पूरे गांव का माहौल बेहद गमगीन था।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
ब्लोटी स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 19 पंजाब रेजिमेंट के मेजर सोनू और नायब सूबेदार योगेंद्र कुमार वहां मौजूद थे। उनकी अगुवाई में 40 सैनिकों की टुकड़ी ने हवाई फायर कर सलामी दी। शहीद को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ विदा किया गया। शहीद के बेटे हनी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
पीछे छूट गया भरा-पूरा परिवार
लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनके माता-पिता और दो भाई भी गहरे सदमे में हैं। सुलह के विधायक ने भी मौके पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत को नमन किया।


