ममता बनर्जी को लगा तगड़ा झटका, तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट से पलटेगा देश की संसद का पूरा गणित

Kolkata News: तृणमूल कांग्रेस में मची भीषण बगावत से अब देश की संसद का पूरा गणित बदलने वाला है। टीएमसी के बागी सांसदों के एक बड़े गुट ने केंद्र सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस बड़े राजनीतिक उलटफेर से मोदी सरकार के लिए कई अटके हुए अहम विधेयकों को पास कराना बेहद आसान हो जाएगा।

लोकसभा में एनडीए गठबंधन की ताकत में भारी इजाफा

वर्तमान में 543 सदस्यों वाली लोकसभा में एनडीए गठबंधन के पास 293 सांसद मौजूद हैं। टीएमसी के बागी गुट के 20 सांसदों का समर्थन मिलते ही यह आंकड़ा बढ़कर सीधे 313 तक पहुंच जाएगा। हालांकि, यह जादुई आंकड़ा दो तिहाई बहुमत के लिए जरूरी 362 की संख्या से अब भी केवल 49 कदम दूर है।

द्रमुक की नाराजगी का फायदा उठाने की कोशिश में सरकार

इस बीच इंडिया गठबंधन से नाराज चल रही डीएमके को अपने पाले में लाने की कोशिशें तेज हो सकती हैं। लोकसभा में द्रमुक के पास कुल 22 सांसद हैं। उनका साथ मिलते ही एनडीए की ताकत बढ़कर 335 हो जाएगी। इसके बाद छोटी पार्टियों की मदद से सरकार आसानी से दो तिहाई का आंकड़ा छू लेगी।

लंबित बड़े संशोधन विधेयकों को पास कराने का रास्ता साफ

यदि केंद्र सरकार इस रणनीति में पूरी तरह सफल रहती है, तो देश में परिसीमन पुनर्गठन का काम आसान हो जाएगा। इसके साथ ही महिला आरक्षण और वन नेशन-वन इलेक्शन जैसे कई लंबे समय से लंबित पड़े बड़े संविधान संशोधन विधेयकों को सरकार बेहद सहजता से लोकसभा से पारित करवाकर इतिहास रच सकती है।

राज्यसभा में भी दिखेगा टीएमसी की टूट का बड़ा असर

टीएमसी में शुरू हुई इस बगावत का सीधा असर अब उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी साफ दिखने लगा है। बगावत के बाद से टीएमसी के चार राज्यसभा सांसद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके चलते उच्च सदन में ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद 13 से घटकर केवल नौ रह गए हैं।

उच्च सदन में मैजिकल नंबर पाने की नई रणनीति तैयार

वर्तमान में 245 सदस्यीय राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत साबित करने के लिए कुल 164 सांसद चाहिए। एनडीए खेमे के पास अभी 148 सांसद हैं। सामान्य बहुमत पार कर चुकी सरकार को संविधान संशोधन के लिए 14 और सांसदों की जरूरत है। एनडीए अब इसी मैजिकल नंबर को हासिल करने में जुट गई है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलेंगे बागी सांसद

टीएमसी के बागी सांसदों का यह गुट सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेगा। बागी नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को कहा कि वे स्पीकर से मिलकर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर मान्यता देने की मांग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 19 सांसदों का समर्थन है।

बंगाल विधानसभा में भी शक्ति परीक्षण कराने का बड़ा दावा

कोलकाता में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि टीएमसी के 64 बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपने नाम सौंप दिए हैं। यह संख्या टीएमसी के कुल संख्याबल के दो-तिहाई से भी ज्यादा है। उन्होंने संकेत दिया कि विधानसभा अध्यक्ष अगर जरूरी समझें, तो राज्य में तुरंत शक्ति परीक्षण करा सकते हैं।

Author: Harikarishan Sharma

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