Delhi News: देश भर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने अब इस गंभीर मामले के प्रबंधन की कमान राज्यों के हाई कोर्ट को सौंप दी है। इस फैसले से पीड़ित आम नागरिकों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब देश के सभी हाई कोर्ट अपने स्तर पर इस मामले की कड़े ढंग से निगरानी करेंगे। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा कि सभी उच्च न्यायालयों को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कानूनी कार्यवाही शुरू करनी चाहिए।
समस्या की निगरानी के लिए हाई कोर्ट हैं सबसे बेहतर विकल्प
अदालत ने माना कि यह समस्या पूरे देश में बहुत बड़े पैमाने पर फैल चुकी है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के लिए अकेले हर राज्य की निगरानी करना बिल्कुल भी प्रभावी नहीं होगा। देश के हर हिस्से की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां पूरी तरह अलग और भिन्न होती हैं।
ऐसे में स्थानीय उच्च न्यायालय अपने अधिकार क्षेत्र की विशेष जरूरतों को बहुत करीब से समझते हैं। वे हर क्षेत्र की तात्कालिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समय पर और विस्तार से इसकी निगरानी कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए हाई कोर्ट सबसे बेहतर स्थिति में हैं।
उच्च न्यायालयों की सीधी निगरानी से आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना अब बहुत आसान हो जाएगा। स्थानीय नगर निगम और प्रशासन भी अब इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं भाग सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
Author: Adv Anuradha Rajput


