Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सामरिक महत्व वाले भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन प्रोजेक्ट में एक नया मोड़ आ गया है। प्रदेश सरकार ने बिलासपुर जिले की सदर तहसील के 10 गांवों में जमीन अधिग्रहण की समय सीमा बढ़ा दी है। यह मियाद अब अगले 12 महीनों के लिए यानी मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है। प्रशासन ने यह कदम विस्थापन और पुनर्वास योजना को अंतिम रूप न दे पाने के कारण उठाया है।
मार्च 2027 तक बढ़ा जमीन अधिग्रहण का समय
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन का निर्माण राज्य के लिए बहुत अहम है। इसके 52 से 63 किलोमीटर वाले हिस्से के लिए जमीन का अधिग्रहण होना है। कुल 538-13-05 बीघा यानी करीब 40.54 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। इसके लिए मार्च 2023 में पहली अधिसूचना जारी हुई थी। नियम के अनुसार एक साल में अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। लेकिन कुछ जरूरी प्रशासनिक कारणों से ऐसा नहीं हो पाया। अब इस मियाद को 28 मार्च 2026 से बढ़ाकर मार्च 2027 कर दिया गया है।
प्रशासनिक कारणों से अटकी थी प्रक्रिया
नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत लोगों को उचित मुआवजा मिलना है। विस्थापित होने वाले लोगों के पुनर्वास की योजना अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। पहले भी इस अवधि को दो बार बढ़ाया जा चुका था। पुरानी समय सीमा 27 मार्च 2026 को ही खत्म हो रही थी। सरकार को अतिरिक्त समय मिलने से अब रेलवे परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुट गया है।
बिलासपुर सदर के 10 गांवों पर पड़ेगा सीधा असर
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर बिलासपुर सदर तहसील के 10 गांवों पर पड़ेगा। इन्ही 10 गांवों के बीच से यह नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन गुजरनी है। प्रधान सचिव (परिवहन) आरडी नजीम ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन को प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। यह काम पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाना है।


