Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की करीब 4,500 करोड़ रुपये की सेब आर्थिकी पर इस साल बड़ा संकट मंडरा रहा है। खराब मौसम की वजह से इस सीजन में सेब के उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है। बागवानी विभाग ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं।
मौसम की बेरुखी से एक करोड़ पेटी घट सकता है उत्पादन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष राज्य में लगभग 2.50 करोड़ पेटी सेब उत्पादन का अनुमान है। जबकि पिछले साल प्रदेश में करीब 3.50 करोड़ पेटियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। इस तरह इस बार करीब एक करोड़ पेटी सेब कम पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी से अप्रैल के बीच लगातार मौसम खराब रहा। कम बर्फबारी, भारी ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण सेब के फूल समय से पहले झड़ गए। अचानक तापमान बढ़ने और फिर तेजी से ठंडा होने के कारण सेब की सेटिंग पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
मार्केट में बढ़ेंगे दाम और शिमला जिले का सबसे बड़ा योगदान
उत्पादन घटने का सीधा असर मार्केट सप्लाई पर पड़ेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए सेब काफी महंगा हो सकता है। हालांकि फसल कम होने से बागवानों को मंडियों में बेहतर दाम मिलने की पूरी उम्मीद है। एक औसत पेटी में लगभग 20 किलो फल पैक होता है।
इस संकट का असर पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और लेबर सेक्टर पर भी पड़ेगा। पूरे हिमाचल में अकेले शिमला जिला सेब उत्पादन में करीब 80 प्रतिशत का योगदान देता है। बागवानी विभाग के सचिव सी पालरासु ने कहा कि अंतिम आंकड़े सीजन खत्म होने के बाद ही साफ होंगे।
विभाग इस मुश्किल समय में बागवानों को पूरी तकनीकी सहायता और जरूरी सलाह दे रहा है। अगर पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो साल 2020-21 में 3.06 करोड़, 2022-23 में 2.11 करोड़ और 2024-25 में 3.50 करोड़ पेटी सेब का कुल उत्पादन हुआ था।
Reported By: Sunita Gupta


