Sri Muktsar Sahib News: पंजाब की राजनीति और क्राइम जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। श्री मुक्तसर साहिब की एडिशनल सेशन जज रमन कुमार की अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। शमशेर सिंह पर करीब एक साल पुराने फिरौती के मामले में संलिप्तता का आरोप था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब उन्हें राहत मिली है। इस फैसले ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन के बीच चर्चा तेज कर दी है।
सरकारी शिक्षक से मांगी गई थी 50 लाख की फिरौती
मामले की गहराई में जाएं तो यह विवाद तीन दिसंबर 2024 को शुरू हुआ था। श्री मुक्तसर साहिब के गांव उदेकरण के एक सरकारी शिक्षक ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिक्षक ने आरोप लगाया था कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ती गईं, इस मामले में बड़े खुलासे होने शुरू हो गए और गैंगस्टर कनेक्शन सामने आया।
अमृतसर से हुई थी पूर्व एएसआई शमशेर सिंह की गिरफ्तारी
पुलिस जांच के दौरान इस हाई-प्रोफाइल फिरौती कांड में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता का नाम सामने आया। पुलिस ने 24 जनवरी 2026 को शमशेर सिंह (जो पूर्व एएसआई रह चुके हैं) और 25 जनवरी 2026 को उनकी पत्नी प्रीतपाल कौर को मामले में नामजद किया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने पंजाब के अमृतसर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का दावा था कि फिरौती की इस साजिश में परिवार के सदस्यों की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
अदालत में वकील की दलीलों के बाद मिली जमानत
शमशेर सिंह के वकील बाबू सिंह सिद्धू ने मीडिया को बताया कि उनकी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत का आदेश जारी किया। इससे पहले गोल्डी बराड़ की माता प्रीतपाल कौर की जमानत अर्जी भी अदालत द्वारा पहले ही मंजूर की जा चुकी है। अब शमशेर सिंह की याचिका स्वीकार होने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, पुलिस इस मामले में अभी भी अन्य सुरागों और नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस की कड़ी नजर
भले ही शमशेर सिंह को अदालत से जमानत मिल गई है, लेकिन पंजाब पुलिस गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और उसके करीबियों पर कड़ी नजर रखे हुए है। गोल्डी बराड़ वर्तमान में विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है और उस पर कई हत्याओं और फिरौती के संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस फिरौती मामले के अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि फिरौती की रकम का मुख्य स्रोत क्या था।


