Mizoram News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंतरराष्ट्रीय नार्कोटिक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी हल्लाबोल कर दिया है। केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को एक साथ मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में कई संवेदनशील ठिकानों पर भारी छापेमारी की। यह पूरा एक्शन 142 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन ठिकानों पर केंद्रीय टीमों ने छापे मारे, वे बेहद संवेदनशील इलाकों में स्थित हैं। इनमें से कई परिसर भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा और भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद नजदीक हैं। इस बड़ी कार्रवाई से सीमा पार सक्रिय ड्रग माफियाओं और तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के कड़े प्रावधानों के तहत दर्ज किया है। ईडी की यह पूरी कार्रवाई दरअसल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा पहले दर्ज की गई एक मुख्य एफआईआर और आधिकारिक शिकायत के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
सीमा पार से चल रहा था मेथम्फेटामाइन की तस्करी का गंदा धंधा
यह पूरा मामला पिछले साल 21 अगस्त 2025 को त्रिपुरा में हुई एक बहुत बड़ी जब्ती से जुड़ा है। तब सुरक्षा एजेंसियों ने चेकिंग के दौरान 49.10 किलोग्राम प्रतिबंधित मेथम्फेटामाइन और 40 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की थी। इसके बाद से ही जांच एजेंसियां इसके मुख्य सरगनाओं को ढूंढ रही थीं।
जांच में सामने आया कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह मिजोरम के चम्फाई और जोखावथर क्षेत्र के रास्ते म्यांमार से मेथम्फेटामाइन ड्रग्स की बड़ी खेप भारत ला रहा था। तस्कर इस घातक सामान को त्रिपुरा के रास्ते देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद अपने वीआईपी ग्राहकों तक सुरक्षित पहुंचा रहे थे।
प्रवर्तन निदेशालय की प्रारंभिक वित्तीय जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नशीली दवाओं की इस अवैध तस्करी से कमाए गए करीब 142 करोड़ रुपये की काली कमाई को सफेद करने के लिए दर्जनों फर्जी बैंक खातों और शेल कंपनियों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था।
बांग्लादेश और म्यांमार बॉर्डर से महज कुछ मीटर की दूरी पर एक्शन
ईडी की अलग-अलग टीमें इस समय धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 की धारा 17 के तहत कुल चार प्रमुख स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस ऑपरेशन की सबसे खास बात यह है कि ये सभी ठिकाने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बिल्कुल मुहाने पर बने हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार त्रिपुरा में जिन जगहों पर रेड डाली गई है, वे बांग्लादेश सीमा से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। वहीं मिजोरम का ठिकाना म्यांमार बॉर्डर से सिर्फ 500 मीटर दूर है। एजेंसी इन जगहों से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज खंगाल रही है।
Author: Lalrinzuala Sailo


